तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल टनल परियोजना का एक हिस्सा शनिवार को ढह गया। इस हादसे में आठ मजदूर फंस गए। इनमें झारखंड के गुमला जिले के चार मजदूर शामिल हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी मजदूरों का कोई सुराग नहीं मिला है। फंसे हुए मजदूरों में गुमला के तिर्रा गांव के संतोष साहू, खंभिया कुंबा टोली के अनुज साहू, कोबी टोली के जगता खेस और बघिमा नकटी टोली के संदीप साहू शामिल हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर गुमला जिला प्रशासन मजदूरों के परिवारों की मदद कर रहा है। प्रशासन ने चारों मजदूरों के एक-एक परिजन को हवाई जहाज से नागरकुरनूल भेजा है। वहां के डीसी बधावथ संतोष ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें घटनास्थल का दौरा कराया। दिल्ली की जियोलॉजिकल टीम को बुलाया गया बचाव कार्य में रैट माइनिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही ऊपरी सतह से ड्रिलिंग की भी तैयारी चल रही है। इसके लिए दिल्ली की जियोलॉजिकल टीम को बुलाया गया है। बचाव अभियान की जटिलता को देखते हुए परिजनों को 3-4 दिन वहां रहना पड़ सकता है। परिजनों के साथ गुमला जिला प्रशासन की ओर से डीएमएफटी फैलो अविनाश पाठक एवं गुमला पुलिस के सब-इंस्पेक्टर श्री निखिल आनंद को भी तेलंगाना भेजा गया है, जो हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। जिला प्रशासन एवं परिजन सकारात्मक सूचना की प्रतीक्षा कर रहे हैं तथा सभी श्रमिकों की सुरक्षित वापसी की आशा व्यक्त करते हैं। गुमला जिला प्रशासन तेलंगाना सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के निरंतर संपर्क में है और बचाव कार्यों की नियमित निगरानी कर रहा है। वहीं, इस मामले पर श्रम अधीक्षक पुनीत मिंज ने बताया की सरकारी प्रावधान के अनुसार उनके परिजनों को हर संभव सहयोग किया जाएगा।


