श्री राणी सती मंदिर परिसर में गणेश पूजन के साथ शुक्रवार को दो दिवसीय भादो बदी अमावस्या महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। 501 सुहागिन महिलाओं द्वारा राजस्थान की पारंपरिक वेशभूषा में मंगल पाठ किया गया। पाठ का संचालन शशि सर्राफ द्वारा किया गया। ध्वज पूजन प्रातः 10 बजे विनोद जालान परिवार द्वारा किया गया। मंदिर प्रांगण में श्री हरि सत्संग समिति द्वारा सुंदरकांड पाठ किया गया, जिसे सुनकर लोग आनंदित हो गए। इसका संचालन आशीष जालान द्वारा किया गया। शाम 5 बजे से स्थानीय भजन गायकों द्वारा भजनों की गंगा प्रवाहित कर वातावरण को भक्तिमय माहौल बना दिया गया। भजन संकीर्तन का संचालन विभोर डागा व विमल सोनी द्वारा किया गया। शाम 5 बजे से 13 सुहागिन महिलाओं द्वारा दादी जी को मेहंदी लगाकर मेहंदी उत्सव मनाया गया। इसका संचालन दीपक गोयनका द्वारा किया गया। चुनड़ी उत्सव रात 7 बजे से 13 विवाहित जोड़ों द्वारा दादी जी को चुनड़ी अर्पित की गई, जिसका संचालन विकास अग्रवाल द्वारा किया गया। रात 8.30 बजे अखंड ज्योत समापन किया गया। रात 9 बजे से एक बजे तक श्री राणी सती मंडल द्वारा चतुर्दशी जागरण किया गया। 23 अगस्त को प्रातः 5 बजे से मंगल आरती, शृंगार, झांकी, पूजा-अर्चना, छप्पन भोग का कार्यक्रम शुरू होगा। सवामणि भोग लगाया जा रहा है। चूड़ा चुनड़ी मंदिर कार्यालय में उपलब्ध है। महाआरती रात 8 बजे से 81 सुहािगन महिलाओं द्वारा राजस्थान के पारंपरिक वेशभूषा में की जाएगी। रात 9 बजे आरती कर महोत्सव का समापन किया जाएगा।


