झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और महासचिव रोहित अग्रवाल रविवार को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख पहुंचे। सोमवार से दावोस में आयोजित होने वाली वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की बैठक को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। ज्यूरिक पहुंचने पर झारखंड चैंबर के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भेंट हुई। मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार भी उपस्थित रहे। आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे विश्वस्तरीय मंच पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करना हमारे लिए अत्यंत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। यह सहभागिता झारखंड के समग्र विकास को नई गति देगी। चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि झारखंड चैंबर राज्य सरकार के साथ मिलकर निवेशकों को झारखंड की असीम संभावनाओं से अवगत कराएगा। यह पहल राज्य को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी। चैंबर की सहभागिता गर्व का विषय उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने कहा कि दावोस जैसे मंच पर झारखंड चैंबर की सहभागिता राज्य के लिए गर्व का विषय है। यह अवसर न केवल झारखंड की औद्योगिक, निवेश एवं व्यापारिक संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करेगा। झारखंड चैंबर इस अवसर पर राज्य सरकार, विशेषकर सीएम हेमंत सोरेन जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं प्रयासों की सराहना करता है, जिनके मार्गदर्शन में राज्य को नई पहचान मिल रही है। झारखंड चैंबर और बियाडा ने की निवेश को लेकर बैठक चैंबर भवन में झारखंड चैंबर और बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण निवेश बैठक हुई। इसमें बिहार और झारखंड में औद्योगिक विकास और निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में बियाडा से धनंजय कुमार, डीजीएम (गया क्लस्टर) और सुनील कुमार, एरिया मैनेजर (इन्वेस्टमेंट प्रमोशन) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बियाडा प्रतिनिधियों ने बिहार में निवेशकों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं, औद्योगिक नीतियों, आधारभूत संरचना और भूमि उपलब्धता के बारे में जानकारी दी, जिससे औद्योगिक इकाइयों और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा स्पष्ट हुई। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने और निवेश को आकर्षित करने के लिए अनेक औद्योगिक क्षेत्रों एवं योजनाओं का विकास कर रहा है, जिसमें 94 प्लस औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार प्रमुख है।


