अंजनी जायसवाल | दुलमी दुलमी बाजारटांड़ में सोमवार को प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। लेकिन प्रखंड स्तरीय शिविर को लेकर किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार नही किया गया। इसके कारण प्रखंड के ज्यादातर आम जनता को इसका लाभ भी नहीं मिल पाया। चूंकि दुलमी बाजारटांड़ में सोमवार को साप्ताहिक बाजार लगाया जाता है, जिसके कारण बाजार में पहुंचने वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच कर शिविर की खानापूर्ति कर दी गई। जबकि प्रखंड के ज्यादातर ग्रामीणों को शिविर की जानकारी ही नहीं है। अगर सही तरीके से शिविर लगने का प्रचार-प्रसार होता तो प्रखंड की आम जनता को इसका काफी लाभ मिलता। क्योंकि प्रखंड बनने के बाद से अबतक प्रखंड में कोई सरकारी डॉक्टर नहीं बैठते है। इसके कारण प्रखंड की लगभग 70 हजार की आबादी को सरकारी डॉक्टर की सलाह या इलाज के लिए रामगढ़ सदर या गोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर रहना पड़ता है। इधर शिविर में जांच कराने वाले कई मरीजों को दवा ही नहीं मिल पाई। हरहद निवासी 24 वर्षीय भारती कुमारी ने आयुष डॉक्टर से जांच करवाया। लेकिन उसे दवा ही नहीं मिल पाया। ऐसी ही स्थिति कई अन्य मरीजों के साथ देखने को मिली। स्वास्थ्य शिविर में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम 2023 का पोस्टर लगाया गया था। जबकि स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 2022 का पोस्टर लगाया गया। इसी प्रकार से कई पोस्टर पुराने वर्ष के लगे हुए थे। जनप्रतिनिधियों को भी शिविर की नहीं थी जानकारी प्रखंड प्रमुख रेणु देवी ने बताया बताया कि दुलमी में लगे प्रखंड स्तरीय शिविर को लेकर किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई है। दुलमी पंचायत मुखिया रविन्द्र महतो ने बताया कि शिविर को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। हर जानकारी दी जाती तो पंचायत की जनता की इसकी जानकारी देते तो पंचायत के आम लोगों को इसका लाभ मिलता। इसी प्रकार ईचातु पंचायत मुखिया परमेश्वर पटेल, सीरु मुखिया वीणा देवी, उसरा मुखिया संजू चौधरी, जमीरा मुखिया अमीरुल निशा, कुल्ही मुखिया चुड़गी, पोटमदगा मुखिया रंजू देवी, सिकनी मोनिका देवी, होन्हे मुखिया राजीव मेहता व सोसो उर्मिला देवी ने भी सूचना नहीं मिलने की जानकारी दी। इसके कारण पंचायत की जनता को शिविर का लाभ नहीं मिल पाया।


