श्रावणी मेले की शुरुआत हो चुकी है। कल सावन की पहली सोमवारी 14 जुलाई को है। उससे पहले आज रविवार को ही सुल्तानगंज से हजारों डाक बम और कांवड़िए गंगाजल लेकर बाबाधाम के लिए रवाना हो चुके हैं। बाबा मंदिर से 4 किलोमीटर लंबी लाइन में कांवरिए खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। पूरा कांवरिया पथ भगवा रंग में डूबा है और बोलबम के नारों से गूंज रहा है। अनुमान है कि पहली सोमवारी में करीब 5 लाख कांवड़िए बाबा मंदिर में गंगाजल अर्पित करेंगे। इधर, जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर में बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक है, बैरिकेडिंग, और पार्किंग व्यवस्था के साथ मेला क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है। संभव है कि हर दिन कम से कम 5 लाख लोग यहां से जल भरेंगे और 105 दूर देवघर के बाबा बैजनाथ धाम मंदिर में चढ़ाएंगे। लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और ठहरने की व्यवस्था की है। करीब 800 जवान और अफसरों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है, जो चौबीसों घंटे रिस्पॉन्स देंगे। शहर में गाड़ियों से जाम ना लगे, इसके लिए तीन दिशाओं में 6 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इनमें करीब 2 हजार गाड़ियां पार्क होंगी। कावड़ियां पथ की 4 तस्वीरें देखिए… कांवरिया पथ पर CCTV और ड्रोन से निगरानी श्रावणी मेले को लेकर सुल्तानगंज से देवघर तक के 105 किलोमीटर के कांवरिया पथ पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। होल्डिंग पॉइंट्स पर विशेष नजर रखी जा रही है। इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम के माध्यम से 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। बाबा मंदिर और शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी एंट्री प्वाइंट्स पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बस स्टैंड के पास अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां बड़ी गाड़ियों को पार्क किया जा रहा है। जहां से श्रद्धालु पैदल मंदिर तक जा सकते हैं। बाइक से श्रद्धालुओं को पहुंचा रहे लोकल लोग जहां से बड़ी गाड़ियों और टोटो की एंट्री बंद की गई है, वहां कई निजी मोटरसाइकिल वाले अपनी बाइक से श्रद्धालुओं को शिवगंगा के पहले तक कांवरियों को पहुंचा रहे है। प्रति कांवरिया 50 रुपए किराया वसूल रहे हैं। कांवरियों की भीड़ से रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड दोनों पर जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। भागलपुर, पटना, कोलकाता, बनारस से आने वाली ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही। सैकड़ों लोग ट्रेन की छतों पर बैठकर या खड़े होकर देवघर पहुंच रहे हैं। वहीं, बस स्टैंड पर बिहार-झारखंड की अंतरराज्यीय बसों में भीड़ इतनी अधिक है कि कई यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ——————— इसे भी पढ़िए… श्रावणी मेले में होटल-लॉज का चार्ज हुआ दोगुना:5-10KM की रेंज में नो रूम के बोर्ड; जानिए सरकार की तरफ से ठहरने की व्यवस्था श्रावणी मेला से जुड़ी हर अपडेट जानने के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….


