भास्कर संवाददाता | राजगढ़ अखिल विश्व गायत्री परिवार राजगढ़ के तत्वावधान में जिला मुख्यालय पर विगत तीन दिवस (11 से 14 दिसंबर) से जारी 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का रविवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर प्रज्ञा पुराण के पाठ के साथ मंच से हरिद्वार शांतिकुंज से आई दीदी ने नारी शक्ति को संबोधित करते हुए सामाजिक परिवर्तन का शक्तिशाली आह्वान किया। शांतिकुंज की दीदी ने नारी शक्ति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “देश को जगाना है तो पहले नारी शक्ति का जागना जरूरी है।” उन्होंने आगाह किया कि प्रगति के नाम पर नारी शक्ति को अपनी संस्कृति एवं सभ्यता से दूर नहीं होना है। उन्होंने विशेष रूप से महिला और बच्चों को मोबाइल से दूरी बनाने की सलाह दी और कहा कि बच्चों का भविष्य बनाना महिला के हाथ में होता है। भव्य दीप यज्ञ के साथ हुआ समापन: पूर्णाहुति के एक दिन पहले संध्या के समय गायत्री परिवार राजगढ़ की महिला मंडल द्वारा विशाल दीप यज्ञ का आयोजन किया गया। पूरे यज्ञ स्थल को रंगोली एवं दीपों से सजाया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में आटे के दीपक बनाकर महिलाओं ने थाली में सजाकर एक साथ दीप यज्ञ संपन्न करवाया। आयोजन के सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर गायत्री परिवार राजगढ़ के मुख्य ट्रस्टी अनिल शर्मा ने सभी परिजनों, सेवा देने वालों (भोजन, पांडाल, संगीत, सफाई) व जिले भर से आए गायत्री परिवार के सदस्यों का आभार माना। कुरीतियों पर गहरा प्रहार मंच से समाज में व्याप्त कुरीतियों पर गहरा प्रहार किया गया। दहेज जैसी कुप्रथा और बालक-बालिकाओं के भेद दीदी ने कहा कि कभी भी गर्भ में पल रहे बच्चों का लिंग भेद के कारण गर्भ में उनकी हत्या नहीं करनी चाहिए। ये ब्रह्म पाप के बराबर होता है और समाज को इस पाप से दूर रहना होगा।


