मध्य प्रदेश पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां मेडिकल कॉलेज जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर शुरू होंगे। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सीएम डॉ. मोहन यादव ने धार और बैतूल में पीपीपी मोड पर बनने वाले देश के पहले दो मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन किया। सरकार का दावा है कि धार व बैतूल जैसे आदिवासी बहुल जिलों में मेडिकल कॉलेज खुलने से मरीजों को इंदौर या नागपुर जैसे बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। 4 जिलों के लिए एग्रीमेंट… धार, बैतूल, कटनी और पन्ना। कटनी व पन्ना में जल्द भूमिपूजन होगा।
इसी मॉडल पर 14 अन्य कॉलेज… भिंड, मुरैना, खरगोन, गुना, सीधी, अशोकनगर, बालाघाट, टीकमगढ़, और शाजापुर। ऐसा मॉडल… धार में 260 करोड़ रुपए की लागत से 2 साल में तैयार करने का दावा धार व बैतूल के मेडिकल कॉलेज स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन बनाएगा। धार में यह कॉलेज 260 करोड़ रुपए की लागत से 25 एकड़ जमीन पर बनेगा। दो साल में तैयार करने का दावा है। बैतूल में कॉलेज 300 करोड़ रु. की लागत से बनेगा। दोनों जिलों में 25-25 एकड़ जमीन 1 रु. की लीज पर दी है। यहां एमबीबीएस के साथ नर्सिंग व पैरामेडिकल कोर्स चलेंगे। मुलताई का नाम अब ‘मुलतापी’ होगा… मुख्यमंत्री ने बैतूल में ताप्ती नदी के उद्गम स्थल मुलताई का नाम बदलकर मुलतापी करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। बैतूल में गुड़ क्लस्टर, मुलताई के मोही में इंडस्ट्रियल क्लस्टर व सागौन वुडन क्लस्टर विकसित करने की भी घोषणा की गई।


