भास्कर न्यूज | बालोद गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम खर्रा से रौना के बीच तांदुला नदी व नाले पर दो पुल तैयार होने के बाद सेतु विभाग ने 30 जून तक एप्रोच रोड बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रोजेक्ट के दायरे में आ रही निजी व कृषि जमीन का राजस्व विभाग के माध्यम से अधिग्रहण हो चुका है। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने में कोई रोड़ा नहीं है। सेतु विभाग के अनुसार अधिग्रहण के लिए 7 किसानों की जमीन को चिन्हांकित किया गया है। पुल मंे आने व जाने के लिए लगभग 1700 मीटर एप्रोच रोड तीन माह के अंदर तैयार हो जाएगा। दोनों पुल व एप्रोच रोड बनाने व अन्य कार्य कराने में 10 करोड़ 68 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसी हिसाब से शासन की ओर से प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। परिस्थिति अनुसार लागत राशि बढ़ या घट सकती है। वर्तमान में सेतु विभाग दुर्ग की निगरानी में काम चल रहा है। सेतु विभाग के अनुसार खर्रा व रौना के बीच की दूरी डेढ़ किमी है। दोनों गांव के बीच दोनांे पुल बन रहा है। खर्रा, रौना सहित आसपास गांव के ग्रामीण लंबे समय से पुल बनाने की मांग कर रहे थे। एक पुल 150 मीटर और दूसरा 120 मीटर लंबा, गुंडरदेही पहुंचना आसान सेतु विभाग के अनुसार खर्रा में तांदुला नदी पर 150 मीटर पुल बनेगा। वहीं दूसरा पुल रौना के पास नाला में 120 मीटर लंबा बनेगा। दोनांे पुल बनने से खर्रा व रौना गांव के अलावा गुरेदा, सलौनी, मोहंदीपाट, कांदुल, तिलखैरी, भिलाई, आमटी, मटेवा, गब्दी, आेड़ारसकरी सहित आसपास के अन्य गांव के लोगों को गुंडरदेही व बालोद मुख्यालय पहुंचने में आसानी होगी। इसके अलावा जिले के कई गांव के लोग शार्टकट मार्ग का उपयोग कर पाएंगे। दोनों गांव को जोड़ने व आवागमन में सहूलियत के लिए गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद की अनुशंसा पर राज्य शासन ने राशि स्वीकृत की थी। क्षेत्र के किसानों को राहत क्योंकि कृषि जमीन तांदुला नदी के उस पार सेतु विभाग के सर्वे रिपोर्ट अनुसार खर्रा, रौना, चिचलगोंदी के 80% किसानों की खेती जमीन नदी के उस पार यानी गांव से दूर है। ऐसे में पुल व एप्रोच रोड बनने से किसानों को राहत मिलेगी। जो आपातकाल मंे मानसून सीजन मंे जान जोखिम मंे डालकर आना-जाना करते है। पुल बनने से ब्लॉक व जिला मुख्यालय के अलावा राजनांदगांव पहुंचने में आसानी होगी। नदी मंे पानी रहता है तो आवाजाही बंद रहती है। नाव बनाकर किसान आना-जाना करते है। वर्तमान मंे पानी नहीं है तो पैदल आना-जाना कर रहे हैं। पुल व मार्ग तैयार होने के बाद 20 गांव के लोगों को राहत मिलेगी।


