शिवपुरी जिले की रन्नौद तहसील के धंधेरा गांव में उस समय उत्साह का माहौल बन गया, जब राजस्व अमला अचानक खेल मैदान की सरकारी भूमि का सीमांकन करने पहुंचा। खेल मैदान से अतिक्रमण हटने की उम्मीद से गांव के युवाओं ने खुशी जताते हुए कलेक्टर जिंदाबाद के नारे लगाए। धंधेरा गांव के सर्वे नंबर 7/1 की लगभग 7 बीघा से अधिक शासकीय भूमि पर रामप्रसाद धाकड़, ईश्वर लाल, उधम सिंह जाटव, वीर सिंह धाकड़ और भागचंद्र जाटव ने कब्जा कर लिया था। इस भूमि पर फसल बोई गई थी, जबकि यह जमीन वर्षों से गांव के युवा खेल मैदान के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। अतिक्रमण के कारण युवाओं के पास खेलकूद और शारीरिक प्रशिक्षण के लिए कोई अन्य स्थान नहीं बचा था। इस समस्या को लेकर गांव के युवाओं ने एकजुट होकर पिछली जनसुनवाई में जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी को आवेदन सौंपा था। उन्होंने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी। कलेक्टर के निर्देशों के पालन में शुक्रवार को राजस्व अमला मौके पर पहुंचा और शासकीय भूमि का सीमांकन किया। हालांकि, मौके पर फसल खड़ी होने के कारण ग्रामीणों की सहमति से इसे तत्काल नहीं हटाया गया। फसल कटने के बाद इस भूमि को पुनः खेल मैदान के रूप में उपयोग में लाया जाएगा। कलेक्टर द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से उत्साहित युवाओं ने प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए नारेबाजी की। युवाओं ने तहसीलदार रन्नौद को भी एक आवेदन सौंपा है, जिसमें मांग की गई है कि इस शासकीय भूमि को विधिवत रूप से खेल मैदान के रूप में स्वीकृत किया जाए। इससे भविष्य में इस पर दोबारा कब्जा नहीं हो पाएगा और गांव के युवा नियमित रूप से खेल गतिविधियों का लाभ उठा सकेंगे।


