भास्कर न्यूज | एडू धरमजयगढ़ वन मंडल में 75 हाथियों का दल पिछले एक सप्ताह से डेरा डाले हुए है। छाल रेंज में 44 और लोटान बीट में 31 हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। शुक्रवार की रात लोटान बीट में 31 हाथियों ने सिंघीझाप में किसानों की रवि फसल को नुकसान पहुंचाया। रामलाल राठिया की करीब 3 एकड़ और रामकुमार की डेढ़ एकड़ फसल को हाथियों ने पैरों तले रौंद डाला। दिन में यह दल जंगल में रहता है और शाम होते ही भोजन की तलाश में गांव और खेतों की ओर पहुंच जाता है, जिससे किसानों में दहशत का माहौल है। नुकसान की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर प्रकरण दर्ज कर मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर रही है। हाथियों का दल सुबह करीब 3 बजे गांव के आसपास पहुंचता है। दिनभर ये जंगल में विचरण करते हैं और सुबह खेतों की ओर भोजन की तलाश में निकलते हैं। इस समय महुआ फल का सीजन शुरू हो रहा है, जो वनांचल क्षेत्र के लोगों की आमदनी का महत्वपूर्ण साधन है। ग्रामीण सुबह-सुबह महुआ बीनने जाते हैं और उसी समय हाथी गांव की ओर आते हैं। इसी कारण महुआ सीजन में हर साल हादसे होते हैं। आदिवासी समुदाय महुआ फल पर निर्भर रहता है, जिसे बीनकर वे बाजार में बेचते हैं और अच्छी आय प्राप्त करते हैं। वन विभाग हाथियों से बचाव के लिए चेतावनी संदेश, मुनादी, लोकेशन ट्रेसिंग और हाथी मित्र दल के माध्यम से जानकारी भेजने जैसे उपाय करता है, फिर भी महुआ सीजन में दुर्घटनाएं होने का खतरा बना रहता है। एसडीओ बाल गोविन्द साहू ने बताया कि गांव में बैठक कर लोगों को समझाइस दी जाती है।


