भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा शहर में भारतीय विद्या मंदिर संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर उत्तम स्वामी ने कहा कि धर्म युक्त शिक्षा आवश्यक है। स्वर्ण जयंती समारोह संस्था के लिए समीक्षा का अवसर है। इस अवसर पर हमें शिक्षा के नवीन आयामों के लिए संकल्पित होना चाहिए। वैश्विक स्तर पर आईटी और आईए का व्यापक उपयोग हो रहा है। बीएड और विधि पाठ्यक्रम में इसका उपयोग करना हेागा। कार्यक्रम में अध्यक्षता पूर्व कुलपति आईवी त्रिवेदी व कुलपति प्रो. केएस ठाकुर मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन सम्पादन मंडल के प्रकाश पंड्या, डॉ. विशाल उपाध्याय, डॉ. विक्रम सिंह ने किया। सचिव शांतिलाल सेठ ने संस्थान की गौरव यात्रा का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। स्वर्ण जयंती के अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष जगदीश भंभानी का प्रशस्ति पत्र, शॉल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. सरला पंड्या, सुरेश उपाध्याय, प्रो. राजेश जोशी, डॉ. प्रमोद वैष्णव, डॉ. सुशील सोमपुरा, सरोज नगावत सहित शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि और वरिष्ठ सर्जन डॉ. अजीत कोठारी, उद्योगपति विनोद अग्रवाल, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शंभूलाल हीरन, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव उपाध्याय सहित शिक्षा अधिकारी, पूर्व छात्र परिषद सदस्य और बार एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे। संस्थान सदस्य निमेश मेहता, सुरेश दवे, सुरेश गुप्ता, प्रमोद नागर, नगेन्द्र चावलवाला, हरिप्रसाद गुप्ता और कोषाध्यक्ष अरूण मेहता का सहयोग रहा। संस्थान के अब तक के गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों का सम्मान किया गया।


