बाढ़ पीड़ित किसानों को मुआवजा देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) की ओर से सहायक कमिश्नर को डीसी के नाम मांगपत्र सौंपा गया। यूनियन के जिला प्रधान गुरमीत सिंह कपियाल ने कहा कि पहले सरकार द्वारा धान की खरीद मौके नमी की मात्रा 22 प्रतिशत रखी जाती थी, लेकिन अब इसे 17 प्रतिशत कर दिया है। इस बार बारिशों के कारण नमी की मात्रा ज्यादा है, इसलिए धान में नमी 17 प्रतिशत नहीं रह सकती है। ऐसे में धान की खरीद के समय नमी की मात्रा 22 प्रतिशत की जाए। ज्यादा बारिश के कारण धान हल्दी रोग के कारण डिसकलर हो गया है, लेकिन उसमें चावल बिल्कुल साफ है। इसलिए सरकारी खरीद मौके डिसकलर हुए धान को खरीदने में रिलेक्सेशन दी जाए। चीनी वायरस या बौने रोग की चपेट में आई धान की फसल के लिए पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाए। पराली प्रबंधन के लिए 200 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए। डीएपी की नियमित सप्लाई यकीनी बनाई जाए। संगरूर में घग्गर और सरहिंद चो के कमजोर किनारों को पक्का किया जाए, ताकि भविष्य में होने वाले किसी बड़े नुकसान से बचाव हो सके। फसलों का नुकसान करने वाले आवारा पशुओं और जंगली सूअरों का स्थाई हल किया जाए। जिले की मंडियों में सरकारी कांटे व बारदाना का सही प्रबंध किया जाए। यदि सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती तो वह संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे। इस मौके पर गुरबचन सिंह, निर्भय सिंह, मक्खन सिंह, गुरचरण सिंह, ज्ञान सिंह, जगदेव सिंह, दर्शन कुमार, सुखविंदर सिंह, बहादर सिंह आदि उपस्थित थे।


