प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था को लेकर शासन का पूरा सिस्टम फेल हो चुका है। चूहे-दीमक द्वारा धान खा जाने के बहाने भ्रष्टाचार का खुला खेल हो रहा है। अभी तक पिछले साल के 25.93 लाख क्विंटल धान की मिलिंग नहीं हो सकी है। इसे ही अब नष्ट बताया जा रहा है। केवल बस्तर संभाग में ही 1 लाख क्विंटल से ज्यादा धान सड़ चुका है। जगदलपुर विकासखंड के नियानार और बिरंगपाल केंद्रों में सड़ा धान ठिकाने लगाने के लिए बाहर से हमाल बुलाए जा रहे हैं। एक ही साल में धान खरीदी में 1037 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। कबीरधाम, महासमुंद और जशपुर में धान घोटाला हुआ है।


