भास्कर न्यूज| रायगड़ा कल्याणसिंहपुर ब्लॉक किसान संघ ने धान खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और किसानों के साथ कथित लूट-खसोट के आरोप लगाते हुए तीन अधिकारियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत किसान संघ के अध्यक्ष श्रीनिवास चौधरी के नेतृत्व में दी गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रायगड़ा सीएसओ दसरथ सोरेन, आरएमसी अधिकारी बसंत कुमार पाल और लैंपस मैनेजर तारिणी प्रसाद त्रिपाठी धान खरीद के दौरान किसानों का शोषण कर रहे हैं। उनके अनुसार, किसानों को प्रति 100 क्विंटल धान पर 2 किलो तक की कटौती दिखाकर अनुचित नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा, सरकारी नियमों के अनुसार धान बिक्री के 48 घंटों के भीतर भुगतान होना चाहिए, लेकिन किसानों का दावा है कि एक सप्ताह बीत जाने पर भी भुगतान नहीं हो रहा है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि टोकन वितरण में जानबूझकर देरी की जा रही है, ताकि दलालों और मिलरों को फायदा पहुंचाया जा सके। नए धान जांच उपकरण के उपयोग पर भी सवाल उठाए गए हैं। किसानों का कहना है कि मशीन के गलत सेट-अप के कारण अच्छे धान को भी “छः पार्ट्स” दिखाकर अत्यधिक कटौती की जा रही है। जबकि सरकार ने प्रति दिन 5,000 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी मिलरों के साथ मिलीभगत कर अतिरिक्त धान खरीदकर अनियमितता कर रहे हैं। किसान संघ ने मांग की है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, किसानों का भुगतान तुरंत जारी किया जाए। कटौती और टोकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, और धान जांच मशीन का तकनीकी ऑडिट कराया जाए। इस मौके पर किसान संघ के वरिष्ठ सदस्य — जोगेंद्र वडका, गोपीनाथ पेरिसिका, प्रशांत कौशल्या, कुमार स्वामी कौशल्या, गुडुला प्रसाद राव, अजीत पानीग्रही, चिंताली नागेश राव, गेडाली श्रीनू, नाग भूषण तडिंगी और मिनाका मोहन राव उपस्थित थे। तहसीलदार और कलेक्टर से लिखित शिकायत करे : थाने के सब इंस्पेक्टर हेमंत कुमार बरिहा ने पुष्टि की कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि इस विषय को स्थानीय तहसीलदार और जिला कलेक्टर के समक्ष भी लिखित रूप में प्रस्तुत करें।


