हल्दीघाटी की नई कच्ची सड़क से धान की तस्करी के मामले में भास्कर में छपी खबर पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। वन विभाग ने मामले की जांच के लिए टीम की गठन कर मौके का निरीक्षण किया। वन विभाग की यह टीम एसडीओ वन विभाग मनोज चंद्राकर के नेतृत्व में हल्दीघाटी के छत्तीसगढ़ सीमा से लेकर छैला गांव तक सड़क का भौतिक निरीक्षण करने पहुंची। जांच के दौरान यह सामने आया कि उक्त रास्ते पर पहले से आवागमन के लिए पगडंडी और सीमित सड़क मौजूद थी, लेकिन तीन से चार स्थानों पर जेसीबी चलाकर सड़क का चौड़ीकरण किया गया है, जो वन नियमों के विरुद्ध है। बता दें कि भास्कर ने यह खबर 14 दिसंबर को प्रमुखता से छापी थी। कलेक्टर भगवान सिंह ऊईके ने कहा कि तहसीलदार अमलीपदर को निर्देश दिए हैं कि संबंधित क्षेत्र में अस्थाई नाका बनाया जाए। इस नाके की निगरानी थाना प्रभारी अमलीपदर के जरिए होगीो। अमलीपदर। धान तस्करी के लिए बनाई सड़क का जायजा लेते अधिकारी। निरीक्षण के बाद एसडीओ मनोज चंद्राकर ने बताया कि इस अवैध आवागमन को रोकने के लिए विभागीय स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा सीमा पर पत्थर के सीपीडबल्यू (चेक पोस्ट वॉल) बनाए जाएंगे और बीच-बीच में सीपीडी(गड्ढे) खोदे जाएंगे ताकि वाहनों का प्रवेश रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई भी वाहन वन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उस वाहन को राजसात किया जाएगा।


