धोखे से दूसरी शादी करने वाला गिरफ्तार:42 साल के व्यक्ति ने लड़की से कहा नहीं हो रही शादी, न उम्र बताया न शादी और तलाक बात

थाना उतई पुलिस ने धोखाधड़ी कर विवाह करने के एक मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक और विवाह में मध्यस्थता कराने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने पहले से विवाहित होने और तलाक की जानकारी छिपाकर स्वयं को अविवाहित बताकर युवती से शादी की। वहीं विवाह मध्यस्थ ने भी सच्चाई जानते हुए युवती को गुमराह किया। थाना उतई पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को पीड़िता ने थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी विजय कुमार पाण्डेय (42 वर्ष), निवासी न्यू कैलाश नगर, कुरूद भिलाई ने अपने पूर्व विवाह, तलाक, वास्तविक उम्र और नौकरी से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर छलपूर्वक उससे विवाह किया। विवाह तय कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले विद्ववासनी शुक्ला (61 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 05, चिंगरी पारा, सुपेला भिलाई को भी इन तथ्यों की जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने पीड़िता को सच्चाई नहीं बताई और विवाह संपन्न करा दिया। लड़की से कहा- नहीं हो रही है शादी
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि विवाह से पहले उसने न तो शादी की बात बताई थी और न ही तलाक होने की बात। पूछने पर यही कहता था कि शादी नहीं हो रही है। शादी के बाद जब वह ससुराल में रहने लगी, तो आरोपी के व्यवहार से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस होने लगा। बाद में जब उसे आरोपी के पूर्व विवाह और अन्य छिपाई गई जानकारियों का पता चला, तो उसने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर की कार्रवाई
पुलिस ने प्रार्थी की शिकायत के बाद अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी विजय कुमार पाण्डेय और विवाह मध्यस्थ विद्ववासनी शुक्ला का पता तलाश कर उन्हें हिरासत में लिया और पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी विजय कुमार पाण्डेय ने स्वीकार किया कि उसका पूर्व विवाह हो चुका था और बाद में तलाक भी हुआ था। उसने यह भी कबूल किया कि विवाह नहीं हो पाने के डर से उसने अपनी वैवाहिक स्थिति, उम्र और अन्य जानकारियां छिपाकर युवती से शादी की। पुलिस ने आरोपी के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड और तलाक से संबंधित न्यायालयीन आदेश की प्रति जब्त की है।

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