धौलपुर जिले के सैपऊ रोड क्षेत्र में मंगलवार शाम लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पारंपरिक पर्व पर स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक रूप से अलाव प्रज्ज्वलित कर लोहड़ी की रस्म निभाई। इस दौरान पारंपरिक गीतों और नृत्य के साथ खुशियां साझा की गईं। कार्यक्रम का आरंभ सूर्यास्त के बाद हुआ, जब लोगों ने लकड़ियां, उपले और अन्य सामग्री एकत्र कर अलाव जलाया। इसके बाद महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने परंपरागत फाग व लोकगीतों पर नृत्य किया। ढोल की थाप और लोकगीतों की धुन ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
पर्व को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। उन्होंने अलाव के चारों ओर परिक्रमा कर तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी जैसी पारंपरिक वस्तुएं अर्पित कीं। लोहड़ी के अवसर पर पारंपरिक पकवानों का विशेष महत्व रहा। बुजुर्गों और महिलाओं ने तिल-गुड़ से बने व्यंजनों, मूंगफली, पॉपकॉर्न और मिष्ठान्न का आनंद लिया। लोगों ने एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं और सुख-समृद्धि की कामना की।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि ऐसे आयोजन सामाजिक मेलजोल को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में सहायक होते हैं। इस आयोजन में स्थानीय प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं का भी सहयोग रहा। आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान रखा गया था। समाजसेवियों ने त्योहारों के माध्यम से आपसी भाईचारा, सौहार्द और एकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित नागरिकों ने सामाजिक एकता और भारतीय परंपराओं के संरक्षण का संकल्प लिया। सैपऊ रोड पर आयोजित यह लोहड़ी पर्व क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त संदेश भी बना।


