भास्कर न्यूज | कांकेर प्रगतिशील लेखक संघ के तत्वावधान में हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी व काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी पेंशनर समाज जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भट्ट के मुख्य आतिथ्य और डाक्टर गीता शर्मा की अध्यक्षता एवं प्रगतिशील लेखक संघ के जिला अध्यक्ष सुरेश चंद्र श्रीवास्तव के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुई । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते डॉ गीता शर्मा ने कहा हिंदी की स्थिति आज सोचनीय है। हिंदी को सम्मान मिले इस बाबत सम्मिलित प्रयास की जरूरत है। मुख्य अतिथि ओम प्रकाश भट्ट ने कहा आज दुनिया के दूसरे देश हिंदी की ओर आकर्षित हो रहे हैं और हम दूरी बना रहे हैं यह विडंबना है। विशिष्ट अतिथि सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने नई पीढ़ी को लेकर चिंता व्यक्त करते कहा आज की नई पीढ़ी हिंदी से दूर हो रही है। शिक्षा के उद्देश्य से अंग्रेजी का प्रयोग ठीक है लेकिन हिंदी की उपेक्षा करना, हिंदी का उपहास और वार्तालाप में हिंदी की स्थिति चिंताजनक है। प्रो. सुनील कुमार साहू ने कहा हिंदी एक समृद्ध भाषा है। भाषा का संस्कार बच्चों में डाला जाना चाहिए। दुनिया के दूसरे देशों में आज हिंदी भाषा पढ़ी और बोली जा रही है लेकिन हमारे देश में भाषाई विविधता की वजह से हिंदी कमजोर पड़ रही है। राष्ट्र भाषा के रूप में हिंदी आज तक संविधान में दर्ज़ा नहीं पा सकी जबकि सभी आवश्यक अर्हताएं रखती है। इस पर संतोष श्रीवास्तव, शिवसिंह भदौरिया, अभिषेक मानिकपुरी, अजहर अली ने विस्तृत प्रकाश डालते कहा कहीं न कहीं हमारी गलतियों की वजह से हिंदी को आज वह स्थान नहीं मिल पा रहा है जिसकी वह अधिकारिणी है। दूसरा सत्र काव्य गोष्ठी के रूप में प्रारंभ किया गया जिसमें रचनाकारों ने अपनी रचनाएं पढ़ी। काव्य गोष्ठी में अभिषेक मानिकपुरी, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, शिवसिंह भदौरिया, अनुपम जोफर, संतोष श्रीवास्तव, डा गीता शर्मा, अजहर अली ने हिंदी भाषा केंद्रित तथा अन्य विषयों को रेखांकित करती कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन प्रगतिशील लेखक संघ के जिला सचिव अनुपम जोफर ने किया। आभार प्रदर्शन ईश्वर लाल वर्मा ने किया। संगोष्ठी में नरेंद्र सोनी, दिलीप ध्रुव, छेदी लाल नेताम, किशोर ठाकुर, गोपाल सिंह ठाकुर, अभय इस्सर विशेष रूप से उपस्थित थे।


