नए साल में रिम्स के डेंटल कॉलेज का संचालन 24 घंटे होगा, इमरजेंसी पेशेंट्स को तत्काल मिलेगा इलाज, भर्ती भी हो सकेंगे

रिम्स के डेंटल कॉलेज में मरीजों को 24 घंटे सेवा देने की तैयारी चल रही है। ओपीडी के बाद अब डेंटल के कुछ विभागों में आईपीडी सेवा शुरू की जानी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रिम्स को इसके लिए निर्देश दिया गया है, प्रबंधन इस दिशा में कार्य कर रहा है। आईपीडी शुरू होते ही यहां दांत की गंभीर समस्या से पीड़ित मरीज भर्ती हो सकेंगे। अभी चिकित्सक शाम 5 बजे ओपीडी खत्म कर घर चले जाते हैं। इसके बाद दांत की परेशानी लेकर रिम्स आने वाले गंभीर मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता। आईपीडी शुरू होने से इन समस्याओं से निजात मिल जाएगी। डेंटल ओटी के शुरू होते ही प्रबंधन आईपीडी सेवा शुरू करेगा। मिली जानकारी के अनुसार, नए साल में जनवरी के मध्य से यह व्यवस्था लागू होने की संभावना है। मैनपावर पर मंजूरी नहीं मिली थी रिम्स में डेंटल कॉलेज के शुरू होने के समय ही डेंटल ओटी के लिए मैनपावर का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया था, लेकिन कॉलेज में ओटी तैयार नहीं होने से इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं मिली थी। अब उम्मीद है कि ओटी तैयार होने का हवाला देकर अगर प्रस्ताव भेजा गया तो विभाग पद सृजन पर अपनी सहमति दे देगा। ओटी तैयार, पर मैनपावर चुनौती… इधर, डेंटल ओटी तैयार तो कर लिया गया है, पर संचालन के लिए मैनपावर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। ओटी शुरू करने के लिए डेंटल इमरजेंसी का संचालन भी जरूरी है। वहीं, इसके लिए मेडिकल अफसर, नर्स और पारा मेडिकल अफसर की नियुक्ति करनी होगी। इसके अलावा शिफ्ट के हिसाब से इनकी तैनाती भी करनी होगी। ग्राउंड फ्लोर में बनाया ओटी डेंटल कॉलेज में बीडीएस सीट को लेकर हर साल डीसीआई निरीक्षण करता है। जिसके आधार पर मान्यता दी जाती है। डीसीआई ने रिम्स को पहले कई बार डेंटल कॉलेज में ओटी नहीं होने के कारण चेताया था। ग्राउंड फ्लोर पर बना ओटी। जानकारी के अनुसार, नए ऑपरेशन थिएटर में अगले माह की शुरुआत से ही जबड़े समेत दांत की सर्जरी शुरू हो जाएगी। डेंटल चिकित्सकों को ईएनटी व अन्य ओटी पर रहना पड़ता था निर्भर वर्तमान में ऑपरेशन के लिए रिम्स के डेंटल सर्जन को ईएनटी सहित अन्य विभाग के ओटी पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार ओटी खाली नहीं रहने से मरीजों को इंतजार भी करना पड़ जाता है। ऐसे में डेंटल कॉलेज का अपना ओटी शुरू होने से मरीजों को राहत मिलेगी।

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