भास्कर न्यूज | गिरिडीह सारंडा में पुलिस मुठभेड़ में ढाई करोड़ के इनामी नक्सली पतिराम मांझी उर्फ अनल दा के मारे जाने के बाद पीरटांड और पारसनाथ थाना क्षेत्र में नक्सलियों में हलचल बढ़ गई है। पतिराम मांझी पीरटांड थाना क्षेत्र का निवासी था। नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना मिलते ही एएसपी अभियान सुजीत कुमार के नेतृत्व में सीआरपीएफ, आईआरबी और जेपी पुलिस द्वारा पीरटांड और पारसनाथ क्षेत्र में सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली पुलिस के डर से सारंडा जंगल से भागकर पीरटांड और पारसनाथ के जंगलों में तलहटी के आसपास छिपे हुए हैं। पुलिस की सघन छापेमारी के चलते नक्सली अपनी जान बचाने के लिए भूमिगत हो गए हैं। नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील पीरटांड थाना क्षेत्र में नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए जारी छापेमारी के संबंध में एसपी अभियान सुजीत कुमार ने कहा कि सारंडा मुठभेड़ में ढाई करोड़ के इनामी पति राम मांझी उर्फ अनल दा के मारे जाने के बाद कुछ नक्सली पीरटांड थाना क्षेत्र में आने की सूचना मिली थी। पुलिस की सघन कार्रवाई को देखते हुए नक्सली भूमिगत हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पीरटांड थाना क्षेत्र के रहने वाले 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा अभी भी जीवित हैं और चाईबासा जंगल में छिपे होने की सूचना है। नक्सलियों को चेतावनी एसपी अभियान ने नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर करें, अन्यथा उन्हें स्वर्ग सिधारने के लिए तैयार रहना होगा। एसपी ने कहा कि नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़कर राज्य और देश के विकास में योगदान देना चाहिए। जो नक्सली सरेंडर नहीं करेंगे, उन्हें पुलिस पता लगाकर ढूंढ निकालेगी। उन्होंने दावा किया कि दो माह के भीतर झारखंड से नक्सलियों का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा।


