नगड़ी थाना क्षेत्र के मनोकामना नगर स्थित टिकरा टोली में बुधवार देर रात हथियारबंद डकैतों ने एक ट्रांसपोर्टर के घर धावा बोलकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया और करीब साढ़े तीन लाख रुपए की डकैती की। वारदात के दौरान प|ी और 13 वर्षीय बेटे को बेरहमी से पीटा गया। गंभीर रूप से घायल बेटे समेत तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित ट्रांसपोर्टर का नाम सुमेश महतो है। वे पत्नी लक्ष्मी देवी और बेटे प्रिंस के साथ टिकरा टोली में रहते हैं। सुमेश के पास चार ट्रक हैं, जिनसे वे सीमेंट ढुलाई का काम करते हैं। ट्रक का चालक और खलासी भी घर के बाहर बने कमरे में ही रहते हैं। पीड़ित के मुताबिक, रात करीब 2 बजे सात डकैत खेत के रास्ते घर पहुंचे। सबसे पहले बाहर के कमरे में सो रहे चालक विजय महतो और खलासी बसंत महतो के साथ मारपीट की। इसके बाद उसी कमरे का गेट तोड़कर बदमाश अंदर घुस गए। अंदर पहुंचते ही सुमेश, उनकी पत्नी और बेटे को बंधक बनाकर एक-एक कमरे की तलाशी शुरू कर दी। आलमीरा से 50 हजार रुपए नकद और करीब 3 लाख रुपए के जेवरात हाथ लगे। रकम कम मिलने पर बदमाश भड़क गए और सुमेश के सामने ही पत्नी और बेटे की पिटाई शुरू कर दी। स्टाफ की भूमिका संदिग्ध, 25 दिन पहले रखा था पुलिस को घर के बाहर रहने वाले विजय और बसंत की भूमिका संदिग्ध लग रही है। आधिकारिक तौर पर पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है, लेकिन दोनों के मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा है। जांच में सामने आया है कि सुमेश ने दोनों को 25 दिन पहले काम पर रखा था और तभी से वे घर के बाहर बने कमरे में रह रहे थे। पुलिस का मानना है कि अगर दोनों स्टाफ परिवार के साथ मिलकर विरोध करते तो बिना हथियार के घर में घुसे बदमाशों को रोका जा सकता था। हालांकि दोनों के रहते हुए अपराधी आराम से अंदर तक घुस गए। जांच में यह भी सामने आया है कि स्टाफ के साथ बदमाशों की केवल हल्की हाथापाई हुई, जो संदेह बढ़ा रही है। सादरी भाषा में बातचीत, सभी के पास लाठी-चाकू पीड़ित ने पुलिस को बताया कि सभी डकैत आपस में सादरी भाषा में बातचीत कर रहे थे। उनकी उम्र करीब 22 से 28 वर्ष के बीच थी। दो बदमाश लगातार परिवार की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। तीन कमरे की तलाशी ले रहे थे। एक बाहर पहरा दे रहा था और एक स्टाफ को कंट्रोल में रखे हुए था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। सभी के पास लाठी और चाकू थे।


