नरसिंहपुर जिले में किसानों को यूरिया की कमी और अनियमित बिजली आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ महाकोशल प्रांत के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ ने ज्ञापन में बताया कि गेहूं की फसल के लिए इस समय यूरिया की सर्वाधिक आवश्यकता है, लेकिन जिले में इसकी पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। किसान घंटों लंबी कतारों में लगने के बाद भी केवल दो से तीन बोरी यूरिया ही प्राप्त कर पा रहे हैं, जो उनकी जरूरत से काफी कम है। किसानों ने जबलपुर की तर्ज पर जिले में भी ई-टोकन व्यवस्था लागू करने की मांग की, ताकि कालाबाजारी पर अंकुश लगे और किसानों को उचित मात्रा में खाद मिल सके। बिजली आपूर्ति को लेकर भी किसानों ने शिकायत की। उन्होंने बताया कि डांगीढाना डीसी अंतर्गत गोरखपुर सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में शेड्यूल के अनुसार 10 घंटे बिजली मिलनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल 8 घंटे ही आपूर्ति हो रही है। इससे सिंचाई कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और फसलें सूखने की कगार पर हैं। इसके अतिरिक्त, किसान संघ ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 12 दिसंबर को गुड़ भट्टी संचालित करने वाले किसानों पर लगाए गए पांच-पांच हजार रुपये के शुल्क को अनुचित बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। महाकोशल शुगर मिल में गन्ना मूल्य को लेकर व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की भी मांग रखी गई। भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और संबंधित अधिकारियों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश देने की मांग की। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


