कुकरेल/धमतरी | धमतरी जिला मुख्यालय के पास स्थित नरहरा जलप्रपात एक खूबसूरत पिकनिक स्थल के रूप में जाना जाता है, लेकिन यहां तक पहुंचने का मार्ग खराब स्थिति में है। कुकरेल क्षेत्र के अंदर यह मार्ग करीब 20 गांवों को जोड़ता है और सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। बरसात के मौसम में कुकरेल से बनबगौद और नरहरा तक जाने वाले इस मार्ग पर ग्रामीण और पर्यटक दोनों ही गंभीर समस्याओं से जूझते हैं। ऐसे में यहां के करीब 20 गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। कुकरेल के उपसरपंच अशोक यादव, बनबगौद के रघुवीर साहू, नरेश मरकाम और कांटा कुर्रीडीह के विजय साहू ने बताया कि इस सड़क की मरम्मत के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिला है। रात के समय इस मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो जाता है। जर्जर सड़क के कारण आवाजाही में असुविधा होती है, वहीं जंगल के बीच होने के कारण वन्य प्राणियों का डर भी बना रहता है। 20 गांवो की सड़क : नीरज कुमार ने बताया कि इस सड़क पर करीब 20 गांवों के निवासी निर्भर हैं। नरहरा का सुंदर जलप्रपात क्षेत्रीय आकर्षण का केंद्र है, जहां धमतरी के अलावा रायपुर, दुर्ग-भिलाई, कांकेर, गरियाबंद और बालोद क्षेत्र से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग की मरम्मत तुरंत कराने की जरूरत है, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित व सुविधाजनक यात्रा हो सके।


