भास्कर न्यूज | जालंधर डिलीवरी रूम में नवजात शिशुओं के पहले गोल्डन मिनट का सही प्रबंधन सीखना डॉक्टरों और नर्सों के लिए बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से आईएमए हाउस में नवजात पुनर्जीवन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. अनुराधा बंसल, प्रोफेसर पीडियाट्रिक्स, पिम्स, तथा अन्य वक्ता डॉ. जतिंदर सिंह और डॉ. कोमल चौहान थे। डॉ. बंसल ने प्रतिभागियों को पहले गोल्डन मिनट में नवजात शिशु की देखभाल और जीवन रक्षक कदमों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि यदि जन्म के समय बच्चा सांस न ले या रोए नहीं, तो पहले एक मिनट में उसका प्रबंधन कैसे किया जाए। अन्य वक्ताओं ने भी हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को डिलीवरी रूम में नवजात को रिसीव करने और आपात स्थिति में बचाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए।


