नवरात्रों में महिला से छेड़छाड़, सुनार पर FIR दर्ज:आरोप- सालों से महिला की दुकान कब्जाए है; खुद को प्रताड़ित बताकर सौंपा था ज्ञापन

गुना कोतवाली क्षेत्र में दुकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे विवाद में किरायेदार पर मालिक से छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। महिला थाने में किरायेदार पर FIR हुई है। उस पर नवरात्रों के दौरान महिला दुकान मालिक से छेड़छाड़ का आरोप है। शहर के निचले बाजार में देवकीनंदन सोनी ने एक किराए की दुकान के रखी थी। दुकान मालिक ने बताया कि उसने दूसरी जगह अपनी दुकान ले ली, लेकिन उस दुकान को खाली नहीं किया। उसने पगड़ी भी जमा नहीं की थी और पिछले कई वर्षों से किराया भी नहीं दे रहा था। दुकान खाली करने का कहते, तो धमकियां देता था। इसी बीच कुछ दिन पहले देवकीनंदन सोनी ने ही कुछ और लोगों के साथ पहुंचकर खुद को प्रताड़ित बताते हुए SP ऑफिस में ज्ञापन सौंपा था। वहीं शनिवार को दुकान मालिक ने भी SP ऑफिस पहुंचकर पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को ज्ञापन सौंपा और अपनी पीड़ा सुनाई। इसके बाद SP ने मामले की जांच के आदेश दिया। जांच के बाद महिला की लाचारी का फायदा उठाकर उसकी दुकान पर कब्जा करने के बाद महिला पर बुरी नियत रखकर उसे परेशान कर रहे आरोपी देवकीनन्दन सोनी के विरुद्ध भी महिला थाना पुलिस में मामला दर्ज किया गया हैं एफआईआर के मुताबिक पीड़िता के पति को लकवा है, आरोपी देवकीनंदन पीड़िता की गरीबी का फायदा उठाकर दुकान पर कब्जा जमाए बैठा है। किराया भी नहीं देता और पीड़िता पर गलत निगाह रखता था और अपने साथ रहने को बोलता था। मना करने पर उसे प्रताड़ित कर धमकी देता था। आरोपी के हौंसले इतने बुलंद थे कि वह महिला के साथ अश्लील छेड़छाड़ तक पर उतारू हो गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी देवकीनन्दन सोनी पर इससे पहले भी थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 613/18 धारा 376, 506 आईपीसी, अपराध क्रमांक 488/22 धारा 323, 294, 506, 34 आईपीसी और थाना केंट में अपराध क्रमांक 912/19 धारा 323, 294, 506, 34 आईपीसी का दर्ज हैं। हालांकि, ये कार्यवाहियां कुछ लोगों को रास नहीं आ रहीं। पूर्व बीजेपी उपाध्यक्ष विश्वनाथ सिकरवार ने महिला से छेड़छाड़ के आरोपी देवकीनंदन को व्यापारी बताते हुए फेसबुक वॉल पर गुना पुलिस की कार्यप्रणाली को ही गलत बता दिया। इससे पहले सिकरवार बीजेपी संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के विरुद्ध भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि विश्वनाथ सिकरवार के विरुद्ध पूर्व में अपराध दर्ज हुए हैं। ग्वालियर कोर्ट से चार स्थाई वारंट जारी हैं। जिनमें गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर दवाब बनाने की कोशिश की जा रही है। इन्हीं के भाई को बस में डेढ़ वर्ष पहले 11 लोग जिंदा जल गए थे। दो दिन पहले ही खस्ता हालत में इनकी एक और बस को पुलिस ने पकड़ा था।

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