नववर्ष का उत्साह:रफ्तार पर कंट्रोल नहीं, 6 दिन में 5 कारें हुईं दुर्घटनाग्रस्त; 2 साल में जनवरी महीने में 149 हादसे हुए

नए साल के जश्न में वाहन सवार अभी से ही सड़कों पर निकलने लगे हैं। पिकनिक स्थलों पर लोग पहुंच रहे हैं। जश्न के दौरान सड़कों पर वाहन सवार खुद का नियंत्रण भी खो रहे हैं। जश्न मनाते हुए तेज रफ्तार में गाड़ियां चला रहे हैं। ऐसे में कई जगह वाहनों की तेज रफ्तार दुर्घटना का कारण बन रही है। दुर्घटना में लोगों की मौत हो रही है। कई अब भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। पिछले छह दिनों में ही शहर में पांच जगहों पर तेज रफ्तार कार सवार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गए। सड़क किनारे आने-जाने वाले लोगों को भी चपेट में लिया, जिसके बाद गंभीर हालत में इलाज कराया गया। नए साल के जश्न में सड़क पर निकले वाहन सवार की रफ्तार देख आने-जाने वाले लोग डरने लगे हैं। पिछले दो साल के आंकड़ों पर गौर करें तो दिसंबर और जनवरी का महीना सबसे ज्यादा डरावना रहा है। दिसंबर में 82 जगहों पर हुए हादसों में 68 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2024 और 2025 के दिसंबर महीने में 161 जगहों पर सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें गंभीर चोट लगने के बाद 133 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा इन दो वर्षों के जनवरी महीने में 149 जगहों पर हुई सड़क दुर्घटना में 102 लोगों की मौत हुई है। दुर्घटना को कम करने का पुलिस लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। वाहन जांच के नाम पर पुलिस खानापूर्ति कर रही है। चेकिंग के नाम पर पीसीआर और पेट्रोलिंग गाड़ी तो सड़क पर रहती है, लेकिन कुछ दिनों से जांच नहीं की जा रही है। चेकिंग के दौरान इक्का-दुक्का जगहों पर वाहन सवारों को रोका भी जा रहा है तो सिर्फ उसके फोटो खींचे जा रहे हैं। न तो गाड़ियों के कागजात की जांच हो रही और न ही ड्रंक एंड ड्राइव अभियान चलाया जा रहा है। दिसंबर में 82 जगहों पर हुए हादसे, चोट लगने के बाद 68 की हो गई मौत जानिए… शहर के तीन मार्गों पर क्यों हो रहीं दुर्घटनाएं कब-कब हुई दुर्घटना भास्कर एक्सपर्ट ऋ षभ आनंद, रोड सेफ्टी एक्सपर्ट रफ्तार पर नियंत्रण व पुलिस की सख्ती से ही कम हो सकते हैं हादसे नए साल के जश्न में लोग तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। यह दुर्घटना का मुख्य कारण बन रहा है। रफ्तार पर नियंत्रण और पुलिस की सख्ती से ही दुर्घटनाएं कम की जा सकती हैं। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को प्रभावी बनाए जाने की जरूरत है। मुख्य बाजार को नो-टॉलरेंस जोन घोषित कर पुलिस को अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है। नाबालिगों के गाड़ी चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध से हादसे कम होंगे।

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