खंडवा | श्री राम ने ताड़का वध कर ऋषि मुनियों को सुरक्षित किया। देवी अहिल्या को पत्थर की मूर्ति से मुक्ति दिलाई। यह विचार भवानी माता मंदिर परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के पांचवे दिन पंडित मधुसूदन शास्त्री ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सीता स्वयंवर में धनुष तोड़कर श्री राम-सीताजी का विवाह हुआ। संयुक्त कहार समाज समिति खंडवा द्वारा आयोजित श्री राम कथा के दौरान पं.मधुसूदन शास्त्री ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि किसी भी प्रकार का कोई नशा नहीं करें। पाउच-गुटखा, तंबाकू से दूर रहे। शराब, गांजा किसी भी नशे की कोई लत नहीं लगे। विद्यार्थी ही देश का भविष्य होता है। नशे की लत से विद्यार्थियों का भविष्य खत्म हो रहा है। देश भी कमजोर होता जा रहा है। समिति अध्यक्ष अकलेश बावनिया, श्याम बावनिया, जगदीश जगताप, हुकुम फूलमाली, पप्पू जत्थाप, संतोष मोरे, बिट्टू जगताप, दिलीप बावनिया, किशोर जगताप, भारत साल्वे मौजूद थे।


