जिले में नहर टूटने की घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। सूचना मिलते ही संबंधित टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि नुकसान का आकलन तेजी से किया जा रहा है। प्रारंभिक सर्वे में करीब 25 से 26 किसानों की फसलों को नुकसान होने की जानकारी सामने आई है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया है कि आरबीसी 6-4 की नियमावली के तहत सभी प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, पानी का बहाव नरई नाला की ओर मुड़ जाने से बड़े क्षेत्र में अधिक नुकसान होने से बचाव हो गया। नहर की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने अगले 10 दिनों में मरम्मत पूरी करने और 15 फरवरी तक नहर को दोबारा सुचारू रूप से चालू करने का लक्ष्य रखा है। सिंचाई के लिए पानी की पहली खेप पहले ही भेजी जा चुकी है और अगली खेप से पहले मरम्मत कार्य पूरा करने की योजना है। अधिकारियों ने बताया कि आरबीसी और एलबीसी दोनों पुरानी नहरें हैं, जिनके व्यापक सुधार के लिए अनुमान तैयार कर कार्य किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सभी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।


