भरतपुर। राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना के तहत भरतपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक लि. का राज्य सरकार पर 11.43 करोड़ का ब्याज कई वर्षों से बकाया है। वर्ष 2019 से 2023 के बीच 47322.22 करोड़ के ऋण पर देय ब्याज राशि का भुगतान नहीं होने से बैंक की आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है। रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार बैंक को इस बकाया राशि का शत-प्रतिशत प्रावधान (प्रोविजन) लेखा पुस्तकों में करना पड़ा। इसके चलते वित्तीय वर्ष 2024-25 में बैंक को 13.73 करोड़ रुपए की शुद्ध हानि उठानी पड़ी। इस प्रावधान का सीधा असर बैंक के कैपिटल टू रिस्क एसेट रेशियो (सीआरएआर) और अन्य वित्तीय मानकों पर पड़ा है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से जिले के करीब 50 हजार किसान रबी फसल ऋण से वंचित रह गए हैं। नकारात्मक वित्तीय स्थिति और गिरते सीआरएआर के चलते नाबार्ड ने एक जुलाई 2025 से बैंक की फसली ऋण पुनर्वित्त सुविधा पर रोक लगा दी है।


