मुरैना कोतवाली थाना क्षेत्र की एक कोचिंग से 10 अक्टूबर को एक नाबालिग छात्रा को दो युवक यह कहकर अपने साथ ले गए कि उसके पिता का एक्सीडेंट हो गया है। दोनों युवक छात्रा को पहले से जानते थे। छात्रा के परिजन पहले इन युवकों की बहन के घर किराए से रह चुके थे, इसी परिचय का फायदा उठाया। कोचिंग संचालक ने जब छात्रा से पूछा कि क्या वह इन युवकों को पहचानती है, तो उसने भी परिचित होने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद संचालक ने छात्रा को जाने दिया। यह पूरी घटना कोचिंग के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। रास्ते में बदली कहानी, डराया-धमकाया और जबरन दिल्ली ले गए
कोचिंग से निकलने के बाद युवकों ने छात्रा पर दबाव बनाना शुरू किया। रास्ते में उसे डराया-धमकाया गया और उसकी मर्जी के खिलाफ उसे दिल्ली ले जाया गया। आरोप है कि दिल्ली में युवक ने नाबालिग को 18 दिनों तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। शाम तक घर नहीं लौटी छात्रा, परिजनों ने थाने में दी सूचना
जब छात्रा शाम तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कोचिंग पहुंचने पर संचालक ने बताया कि पिता के एक्सीडेंट की बात कहकर उसे दो युवक ले गए हैं, जिन्हें छात्रा जानती थी। इसके बाद परिजनों ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कोचिंग के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। रिश्तेदारों पर दबाव के बाद मिला सुराग, 28 अक्टूबर को बरामद
सीसीटीवी फुटेज से पहचान पुख्ता होने के बाद पुलिस ने कल्लू पंडित के मित्रों और रिश्तेदारों पर दबाव बनाया। इसी दबाव के बाद पुलिस को छात्रा के ठिकाने की जानकारी मिली और 28 अक्टूबर को नाबालिग को बरामद कर लिया गया। कोर्ट में बयान, पुलिस का अलग पक्ष
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया के अनुसार, नाबालिग की बरामदगी के बाद नियमानुसार उसके धारा 164 के तहत न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए। टीआई के मुताबिक, बयान में नाबालिग ने कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी और परिजनों के साथ नहीं रहना चाहती थी, इसलिए उसे वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। टीआई भदौरिया ने कहा कि पुलिस ने पूरी कार्रवाई निष्पक्षता और कानून के अनुसार की है। उनके अनुसार,“अब जो आरोप सामने आ रहे हैं, संभव है कि वे परिजनों के दबाव में लगाए गए हों।” नए आरोपों से मामला फिर गरमाया
हालांकि, आज सामने आए आरोपों में नाबालिग को झांसा देकर ले जाने, बंधक बनाने और 18 दिन तक दुष्कर्म किए जाने की बात कही गई है। इन आरोपों के बाद मामला एक बार फिर गंभीर और संवेदनशील हो गया है, और पुलिस की भूमिका व जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


