भास्कर न्यूज | जांजगीर नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी जगदीश केंवट को अदालत ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो) अनिल कुमार बारा ने सुनाया। विशेष लोक अभियोजक चंद्रप्रताप सिंह के अनुसार पीड़िता ने 10 अक्टूबर 2024 को अकलतरा थाने में दुष्कर्म रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार आरोपी जगदीश केंवट उसकी मछली दुकान में काम करता था। वह उसके घर आता-जाता था। मोबाइल पर भी बात करता था। करीब 4-5 महीने पहले पीड़िता अपने मामा के गांव दर्रीघाट चली गई थी। वहां वह अपनी नानी के मोबाइल से आरोपी से बात करती थी। 9 अक्टूबर 2024 को सुबह 11 बजे आरोपी ने पीड़िता को फोन कर कहा कि वह उससे शादी करना चाहता है। उसे टोल प्लाजा के पास बुलाया। वहां से लिफ्ट लेकर कोटमीसोनार के क्रोकोडायल पार्क ले गया। झाड़ियों के पास ले जाकर दुष्कर्म किया। अगले दिन 10 अक्टूबर को पीड़िता को अकलतरा मंडी के पास छोड़कर चला गया। पीड़िता ने घर पहुंचकर माता-पिता को घटना की जानकारी दी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पामगढ़ ने धारा 164 के तहत बयान दर्ज किया। अपराध विवरण फार्म और घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया। जांच पूरी कर अभियोग पत्र अदालत में पेश किया गया। अभियोजन ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी ने नाबालिग से गंभीर अपराध किया है। उसे कठोर सजा मिलनी चाहिए। अदालत ने सभी गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपी जगदीश केंवट, उम्र 19 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 19 अकलतरा को सजा सुनाई।


