करौली में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विधि से संघर्षरत किशोर को दोषी ठहराया गया है। विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश बृजेश शर्मा ने आरोपी को 20 साल के कारावास और 1 लाख 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि पीड़िता आरोपी किशोर को चाचा कहकर बुलाती थी। आरोपी का पीड़िता के घर आना-जाना था। इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर उससे शारीरिक संबंध बनाए। उसने पीड़िता के अश्लील फोटो और वीडियो भी बनाए, जिनका इस्तेमाल वह ब्लैकमेल करने के लिए करता था। मामले की जानकारी मिलने पर पीड़िता के पिता ने 18 जून 2024 को हिंडौन के नई मंडी थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुल 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 35 दस्तावेज बतौर साक्ष्य पेश किए गए। विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश शर्मा ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विधि से संघर्षरत किशोर को दोषी करार दिया।


