नारकोटिक्स कस्टडी में आरोपी की मौत:परिजनों का आरोप- टॉर्चर से गई जान, अधिकारियों ने मांगे थे रुपए

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की चित्तौड़गढ़ यूनिट के कस्टडी में तस्करी के आरोप में पकड़े गए एक आरोपी ने शुक्रवार शाम को सुसाइड कर लिया। शनिवार को यह मामला ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पास चला गया। आरोपी के मौत को उनके परिजनों और गांव वालों ने हत्या बताया। परिजनों का आरोप है कि मृतक को कस्टडी में टॉर्चर किया जा रहा था, जिसके कारण मौत हुई है। मृतक चप्पल में था, ऐसे में जूते की लैस कहां से लाएगा। इतना ही नहीं, अधिकारियों ने असली आरोपी से 12 लाख रुपए लेकर छोड़ दिया और पकड़े गए आरोपी से 80 लाख रुपयों की मांग की थी। इधर, ग्रामीणों के आने की सूचना पर जिला कलेक्ट्रेट, नारकोटिक्स कार्यालय और हॉस्पिटल में भारी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। मृतक का मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। सभी जगह पुलिस का जाब्ता किया तैनात मुखबिर की सूचना पर 10 फरवरी को चित्तौड़गढ़-कोटा हाइवे पर बस्सी के पास नाकाबंदी के दौरान भीलवाड़ा पासिंग की एक बाइक से चार किलो अफीम जब्त की थी। इस कार्रवाई में भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया तहसील के माजीसा का खेड़ा में रहने वाले कैलाश धाकड़ (45) को CBN की टीम ने गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उसे 15 फरवरी तक रिमांड में लिया गया था। शुक्रवार शाम को नारकोटिक्स ऑफिस के ही टॉयलेट में आरोपी कैलाश धाकड़ टॉयलेट के लिए गया था। काफी देर तक नहीं निकला तो शक हुआ। टीम ने दरवाजा तोड़ा तो देखा कि कैलाश धाकड़ ने जूते की लैस से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उसे हॉस्पिटल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों की इसकी सूचना दी गई। परिजन आज ग्रामीणों के साथ चित्तौड़गढ़ पहुंचे। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण डिप्टी शिवप्रकाश टेलर के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट, नारकोटिक्स ऑफिस और हॉस्पिटल में जाब्ता तैनात किया गया। कई मामलों में उठाया सवाल, भीलवाड़ा की जगह चित्तौड़गढ़ से बताया पकड़ना परिजनों ने कई मुद्दों पर सवाल उठाए और CBN के अधिकारी परमवीर सिंह, हिमांशु शेखावत, सुजीत सिंह, कुलदीप राणा, योगेंद्र सिंह, विजय सोलंकी, पुष्पेंद्र सिंह, विष्णु दास पर आरोप लगाया कि कैलाश धाकड़ 10 फरवरी को अपने किराना की दुकान पर बैठा हुआ था। कैलाश धाकड़ को वहां से उठा कर ले गए और बाइक भी जब्त कर ली। अधिकारियों ने धमकी दी कि अगर कैलाश को जिंदा देखना है तो 80 लाख रुपए लेकर सीबीएन ऑफिस आना। परिवार जन जब ऑफिस पहुंचे तो परमवीर सिंह, हिमांशु शेखावत और सुजीत सिंह गौशाला के पास एक चाय की थड़ी पर उनको लेकर गए। परिजनों ने अधिकारियों को कहा कि जमीन का सौदा होने के बाद रुपए मिलेंगे। इसपर अधिकारी नाराज हो गए और कहा कि हम कैलाश को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। कागज, कलम और डंडा हमारे हाथ में है। जैसा चाहेंगे मुकदमा बनाएंगे। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब बिजौलिया से कैलाश को लाया गया तो अधिकारियों ने मुकदमे में बस्सी के पास से पकड़ना क्यों बताया। इसके अलावा कैलाश धाकड़ चप्पल पहनता था तो जूते की लैस कहां से लाया। कैलाश धाकड़ के साथ एक और जने को पकड़ा था, संभवतः वह अफीम उसी की थी। लेकिन उसे गिरफ्तार करने से पहले ही उससे 12 लाख रुपए लेकर छोड़ दिया गया। कैलाश के परिवार के पास रुपए नहीं थे उसे पकड़ लिया गया और 4 किलो अफीम सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। सुबह से शाम तक बैठे थे परिजन परिजन सुबह से शाम तक हॉस्पिटल में बैठे थे। कैलाश धाकड़ का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। इधर, CBN के सभी अधिकारी ऑफिस से नदारत मिले। ग्रामीण डिप्टी शिव प्रकाश टेलर ने बताया कि यह मामला अब ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पास है और नॉमिनेट भी कर लिया गया। आगे की कार्रवाई मजिस्ट्रेट के अंडर ही होगी। परिजनों ने मुआवजा देने, सीबीआई जांच करवाने और परिवार के दो सदस्यों को नौकरी दिलवाने की मांग की है। कैलाश धाकड़ बचपन से एक आंख से दिव्यांग है। उसकी तीन नाबालिग बेटियां हैं। बताया जा रह है कि कैलाश धाकड़ के खुद का कोई अफीम का पट्टा नहीं है और ना ही उस गांव में कोई अफीम की खेती होती है। ऐसे में उसे गलत फंसाया गया।

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