भास्कर न्यूज| अमृतसर शहर को कूड़ा मुक्त करने के लिए नई कंपनी को वर्कऑर्डर जारी होने के 3 माह बाद बीते चुके। लेकिन वार्ड-18 में के कई घरों में 5 दिनों से कूड़ा उठाने के लिए गाड़ियां नहीं पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कूड़ा नहीं उठने से तंग लोगों का कहना है कि निगम-कंपनी के अफसरों की तरफ से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर आए दिन दावे किए जा रहे। लेकिन ग्राउंड लेवल पर हकीकत कुछ अलग है। किसी घर में 4 तो कहीं 5 दिनों से कंपनी की गाड़ियां कूड़ा उठाने के लिए नहीं पहुंच रही हैं। घर में ही कूड़ा रखने से रोज ही मुश्किलें बढ़ती जा रही। निगम अफसर कूड़ा फेंकने वाली जगह ही निर्धारित कर दें। खुद ट्रॉलियां करके पहुंचा देंगे। खाली प्लाटों व सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने के लिए जुर्माना व सख्ती की बात कही जाती है। लेकिन जब हफ्तों गाड़ियां आएंगी ही नहीं तो कोई अपने घरों में कितने दिनों तक गीला-सूखा कूड़ा अलग करके रखेगा। क्यूआर कोड लगाकर शिकायतों का हल कराने का दावा किया जा रहा था। जो अब तक घरों में नहीं लगाए गए हैं। यदि जल्द ही गाड़ियां कूड़ा उठाने नहीं आई तो सड़कों व खाली प्लाटों में फेंकने को मजबूर होंगे। ^कंपनी की तरफ से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम कराया जा रहा है। जल्द ही कूड़ा उठान को लेकर शेड्यूल फाइनल हो जाएगा। फिर गाड़ियां अपने निर्धारित समय पर संबंधित वार्ड व घरों से कूड़ा उठाने के लिए पहुंचेंगी। थोड़ी-बहुत जो समस्याएं बनी हुई वह भी खत्म हो जाएंगी। लोग हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराएं। -जतिंदर सिंह भाटिया, मेयर। रोहित कुमार निवासी वार्ड-18 ने बताया कि 5 दिनों से घर पर कूड़ा एकत्रित करके रखा है। गाड़ियां नहीं आई तो सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर होंगे। गंदगी के कारण बीमारिया फैलने का खतरा बना हुआ है। अमन व्याला निवासी वार्ड-18 ने बताया कि 5 दिनों से घर पर कूड़ा रखा है। लेकिन कंपनी की गाड़ियां उठाने नहीं आई हैं। कूड़े से बदबू आने लगी है। निगम अफसर बताएं कि यह कूड़ा किस जगह फेंकें। विपिन कुमार निवासी वार्ड-18 ने बताया कि निगम की तरफ से दिसंबर फिर जनवरी तक डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन ग्राउंड लेवल पर शुरू कराने की डेडलाइन दी गई। पर गाड़ियां अब भी नहीं पहुंच रही हैं। प्लॉटों व सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने पर जुर्माना लगाया जाता है। पर सिटिजन को सहूलियतें कब मिलेंगी। 4 दिनों से कूड़ा घर पर ही पड़ा हुआ है।


