सिटी एंकर चास नगर निगम चुनाव में जहां आरक्षित वार्डों में उम्मीदवारों की श्रेणी पहले से तय हो चुकी है, वहीं अनारक्षित यानी जनरल वार्ड इस बार सबसे ज्यादा चर्चा और खर्च का केंद्र बनने जा रहे हैं। 35 में से 18 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं, जहां किसी जाति या वर्ग का प्रतिबंध नहीं है। ऐसे में मुकाबला सीधा, तीखा और महंगे होने के संकेत मिल रहे हैं। आरक्षण के मुताबिक चास नगर निगम के कुल 35 में 9 वार्ड अनारक्षित अन्य है। इनमें वार्ड संख्या 03, 12, 23, 24, 28, 29, 31, 33, 34 शामिल है। वहीं अनारक्षित महिला सीट 09 है। इनमें वार्ड संख्या 02, 04, 11, 14, 17, 18, 22, 25, 32 शामिल है। यहां कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जनरल वार्डों में ही सबसे ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं। इधर प्रशासन ने चुनाव में गड़बड़ी रोकने के लिए संवेदनशील बूथों को चिह्नित किया है। इस चुनाव में 17 भवन में 39 बूथ को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। वहीं 25 भवन में कुल 32 बूथों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। जनरल वार्डों में चुनावी हलचल दिख रही ज्यादा कई अनारक्षित वार्ड ऐसे हैं, जहां पहले से ही प्रभावशाली पार्षद या स्थानीय नेता सक्रिय हैं। आरक्षण नहीं होने के कारण ऐसे नेता लगातार दोबारा मैदान में उतरने की स्थिति में हैं। नए उम्मीदवारों को पुराने चेहरों के खिलाफ ज्यादा संसाधन झोंकने पड़ते हैं। जनरल वार्डों में जातीय समीकरण के बजाय स्थानीय मुद्दे, विकास कार्य, व्यक्तिगत संपर्क और चुनावी मैनेजमेंट ज्यादा अहम हो जाते हैं। इस बार चास के 18 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित है। महिला आरक्षण ने पुराने पार्षदों की राजनीतिक जमीन भी खिसका दी है। कई प्रभावशाली नेता अब अपने परंपरागत वार्ड से बाहर चुनाव लड़ने को मजबूर हैं या फिर परिवार की महिला सदस्य को मैदान में उतारने की तैयारी में हैं। इससे चुनाव में प्रॉक्सी राजनीति की चर्चा भी तेज हो गई है, हालांकि मतदाता इस बार प्रतिनिधि की वास्तविक भूमिका को लेकर ज्यादा सजग नजर आ रहे हैं। महिला आरक्षण का असर यह होगा कि नये चेहरों और पहली बार चुनाव लड़ने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ेगी, वहीं पुराने पुरुष पार्षदों की वापसी कठिन हो गया है। ऐसा है निगम का आरक्षण 35 वार्ड में अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 में महिला व अन्य के लिए 4-4 सीट आरक्षित है। पिछड़ा वर्ग-2 में महिला के लिए दो व अन्य के तीन सीट आरक्षित है। एससी के एक सीट व एसटी के तीन सीट आरक्षित है। इनमें एक महिला और दो अन्य शामिल है। वहीं 9 सीट अनारक्षित है। 35 में 18 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित, नए चेहरों की एंट्री तय निगम की सत्ता तय करने में जनरल वार्ड निर्णायक होंगे चास नगर निगम चुनाव में इस बार असली सियासी लड़ाई अनारक्षित वार्डों में देखने को मिलेगी। यहां न तो आरक्षण का सहारा होगा और न ही सीमित दायरा। जीत उसी के हिस्से आएगी, जो संगठन, संसाधन और जमीनी पकड़ के साथ सबसे मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरेगा। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि नगर निगम की सत्ता की तस्वीर तय करने में जनरल वार्ड निर्णायक साबित होंगे। इन वार्डों में किसी सामाजिक कोटि का आरक्षण नहीं होने के कारण चुनाव पूरी तरह संगठनात्मक ताकत, आर्थिक संसाधन और व्यक्तिगत प्रभाव पर निर्भर करेगा। इन वार्डों में बहु कोणीय मुकाबले की संभावना अधिक रहती है।


