भास्कर न्यूज | अमृतसर निगम कमिश्नर ने एमटीपी विभाग को बरसों पुराने बने 29 होटलों को अवैध चिह्नित किए जाने के बाद बिजली-पानी-सीवरेज कनेक्शन काटने के निर्देश जारी किए हैं। मगर बड़ा सवाल यह है कि होटल अवैध हैं तो यह बनकर कैसे तैयार हो गए। यदि निगम इन्हें अवैध बता रहा है तो कार्रवाई कनेक्शन काटने तक सीमित क्यों है? बिल्डिंग तोड़ने की कार्रवाई करने से अफसर क्यों बच रहे हैं। वाहवाही लूटने के लिए कनेक्शन काटने की कार्रवाई तो शुरू कर दी है, लेकिन होटलों के नाम सार्वजनिक करने से भी बच रहे हैं। गौर हो कि 3 दिन पहले 14 फरवरी को निगम कमिश्नर के निर्देश पर 12 होटलों के पानी-सीवरेज कनेक्शन काटे थे। वहीं 17 फरवरी को 10 होटलों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई। अभी 7 होटलों के कनेक्शन काटे जाने हैं।


