‘निगम में बिना चर्चा पास हुए 31 प्रस्ताव’:कांग्रेस ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल; बोले- महापौर को ही कामों की जानकारी नहीं

छिंदवाड़ा नगर निगम में गुरुवार को आयोजित मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) की बैठक में कुल 31 प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में शहर विकास से जुड़े प्रस्तावों पर कोई विशेष चर्चा नहीं हुई और सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिए गए।बैठक के बाद कांग्रेस ने इन प्रस्तावों पर कड़ा एतराज जताया। एमआईसी बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी भवन में पत्रकार वार्ता आयोजित कर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बैठक के दौरान महापौर स्वयं अधिकारियों से निगम के खर्च और कामकाज का हिसाब पूछते नजर आए, जो यह दर्शाता है कि उन्हें भी पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है। “जब महापौर ही अनजान, तो निगम चला कौन रहा?”
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब महापौर को ही निगम की वित्तीय स्थिति और कार्यों की सही जानकारी नहीं मिल रही, तो यह बड़ा सवाल है कि नगर निगम आखिर किसके निर्देशों पर और कैसे संचालित हो रहा है। बेतुके मुद्दों से जनता को गुमराह करने का आरोप
नगर निगम अध्यक्ष सोनू मागो, कांग्रेस पार्षद आकाश मोखलगाय सहित अन्य पार्षदों ने आरोप लगाया कि एमआईसी बैठक में बेतुके और गैर-जरूरी मुद्दे शामिल कर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उनका कहना है कि मूलभूत नागरिक समस्याओं से नगर निगम का सरोकार लगभग समाप्त हो चुका है। ट्रांसपोर्ट नगर और परतला प्रोजेक्ट फिर विवाद में
कांग्रेस पार्षदों ने ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए।नगर निगम अध्यक्ष सोनू मागो ने आरोप लगाया कि बिना टेंडर प्रक्रिया के दोबारा काम शुरू किया गया, जो नियमों के खिलाफ है। इसके साथ ही परतला प्रोजेक्ट में हितग्राहियों को राशि वापस नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया।कांग्रेस का कहना है कि तीन माह के भीतर राशि लौटाने के लिए एमआईसी से प्रस्ताव पारित होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। “जनता के पैसे वापस दिलाने के लिए दबाव बनाएंगे”
कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि पार्टी हितग्राहियों के साथ खड़ी है और उनकी राशि वापस दिलाने के लिए नगर निगम पर लगातार दबाव बनाया जाएगा। महापौर ने अधिकारियों से मांगी विस्तृत जानकारी
एमआईसी बैठक में महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेल बगीचे की जमीन पर निर्माण प्रस्ताव पास
एमआईसी बैठक में जेल बगीचे की जमीन पर गीता भवन और नगर निगम भवन निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा बैठक में स्वागत द्वार, पालिका मार्केट, गोशाला निर्माण और आईएसबीटी से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे। हालांकि, कर्मचारी रखने से जुड़ा पिछला प्रस्ताव एजेंडे से गायब दिखाई दिया। कांग्रेस ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता के जरिए नगर निगम की पारदर्शिता, कार्यशैली और निर्णय प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को सार्वजनिक मंच पर उठाया है।

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