नए साल में कोटा के लोग नगर निगम से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की शिकायत एक ही नम्बर पर दर्ज करवा सकेंगे। साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण में लगे टीपर्स की मॉनिटरिंग को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके लिए निगम भवन में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किया जा रहा है। जिससे की लोगों को अलग अलग डिपार्टमेंट में जाकर चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे और अलग अलग विभाग की शिकायतों के लिए अलग अलग नंबर भी तलाशने नहीं पडे़गें। नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि शहरवासियों की निगम क्षेत्र से जुड़ी अलग अलग शिकायतें एक ही स्थान पर दर्ज की जा सकें तथा उनको समाधान के लिए तत्काल संबंधित अधिकारियों को भेजा जा सके। साथ ही सफाई कार्य में लगे निगम के संसाधनों की मॉनिटरिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सके, इसके लिए निगम भवन में एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना की जा रही है। यहां पर टोल फ्री नम्बर के माध्यम से 24 घंटे आमजन की शिकायत दर्ज की जाएगी। इसके अलावा यहां स्थापित किए जा रहे मॉनिटरिंग सेंटर के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रहण में जुटे टीपर्स की पल-पल की मॉनिटरिंग की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि एक एप भी विकसित किया जा रहा है जिसमें नागरिक भी अपने क्षेत्र में आने वाले टीपर का मॉनिटर कर सकेंगे। टीपर नहीं आने या सफाई से संबंधित अन्य शिकायत इसी एप के माध्यम से दर्ज करवा सकेंगे। शिकायत प्राप्त होने पर कार्यालय समय में दो घंटे तथा उसके बाद छह घंटे के भीतर शिकायत के समाधान का प्रयास किया जाएगा। मॉडिफाइड टीपर्स भी देखे
आयुक्त मेहरा ने निगम की ओर से मॉडिफाई करवाए जा रहे टीपर्स का निरीक्षण किया। आयुक्त मेहरा ने बताया कि हाल में निगम अधिकारियों के एक दल ने इंदौर की सफाई व्यवस्था का अध्ययन किया था। इस दौरान सामने आया कि वहां स्रोत पर ही कचरे को अलग किया जा रहा है यानी कि कचरा लेने के साथ ही उनको अलग अलग किया जा रहा है। इसमें सेनेटरी और इलेक्ट्रिक वेस्ट को भी अलग किया जा रहा है। लेकिन निगम के टीपर्स में दो बॉक्स में ही विभाजित हैं जिनमें सेनेटरी और इलेक्ट्रिक वेस्ट को अलग नहीं किया जा सकता। ऐसे में पिछले दिनों टीपर्स को चार बॉक्स में विभाजित करने के निर्देश दिए गए थे। यह प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है। निगम के टीपर्स में गीले और सूखे कचरे के साथ सेनेटरी और इलेक्ट्रिक वेस्ट के लिए अलग-अलग बॉक्स की व्यवस्था करना शुरू कर दिया गया ताकि आमजन स्रोत पर ही कचरे को अलग-अलग कर फेंक सकें। साथ ही एक अन्य बैग की भी व्यवस्था की गई है जहां आमजन पशुओं के लिए रोटी भी डाल सकेंगे।


