सिटी रिपोर्टर | बीकानेर सर्व ब्राह्मण समाज के लिए आयोजित निशुल्क यज्ञोपवीत संस्कार कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को विधिवत प्रायश्चित कर्म संपन्न हुआ। इस आयोजन में करीब 41 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार किया जाएगा। यह धार्मिक अनुष्ठान पारंपरिक वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धा एवं आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन रत्तानी व्यास बगेची में किया गया, जहां बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, विप्रजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रायश्चित कर्म के माध्यम से यज्ञोपवीत संस्कार को शास्त्रोक्त एवं पूर्ण रूप से सम्पन्न करने का उद्देश्य रखा गया। कार्यक्रम के आयोजन सचिव पंडित प्रहलाद व्यास एवं डॉ. मदन मोहन पुरोहित ने बताया कि यह आयोजन समाज में वैदिक संस्कारों के संरक्षण, संस्कारशील पीढ़ी के निर्माण तथा सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने की भावना से किया गया। सर्व प्रथम गणेश पूजन, प्रायश्चित स्नान, विष्णु पूजन आदि किया गया। इस धार्मिक आयोजन का संयोजन भैरव साधक समिति, बीकानेर के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर समिति के पंडित गौरीशंकर पुरोहित,आशीष ब्यास,बंटी पुरोहित,लालू सूरा, महेश पुरोहित आदि पदाधिकारियों ने सभी सहयोगियों, आचार्यों एवं समाजबंधु मौजूद थे। जनेऊ संस्कार कार्यक्रम का आयोजन कल, बटुकों ने किया हवन मां सरस्वती वेदाश्रम में जनेऊ संस्कार कार्यक्रम का आयोजन 6 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। इससे पहले पं. किशन छंगाणी के सान्निध्य में गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, रूद्र कलश, सॉन्ग्स मात्रिका, विष्णु भगवान, वेदमाता गायत्री का पूजन किया गया। जनेऊ कार्यक्रम से पहले गुरुवार को जनैऊ धारण करने वाले बटुकों का प्रायश्चित क्रम व हवन किया गया। प्रवक्ता राकेश बिस्सा ने बताया कि वेदाश्रम में कुल 21 बटुकों का जनेऊ संस्कार किया जाएगा। इस अवसर पर भैरव गिरि मठ आश्रम के अधिष्ठाता इंद्रा नंद गिरी महाराज ने उपस्थित होकर सभी यज्ञोपवीत धारण करने वाले बटुकों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्योतिष आचार्य पंचांगकर्ता पं. राजेंद्र किराड़ू थे। उन्होंने जनेऊ के महत्व को बताते हुए सभी बटुकों को अपना आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण पुरोहित व पुष्पा पुरोहित ने यज्ञ कार्य संपन्न करवाया। इस अवसर पर आश्रम अधिष्ठाता पं. मुरलीधर पुरोहित, पं. उमेश किराडू, पं. सुरेश किराडू, पं. मदन पुरोहित, पं. संतोष व्यास, लोकेश व्यास, मोहित बिस्सा, रिषि पुरोहित, मुरली शर्मा, श्रीलाल किराड़ू सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।


