उज्जैन | नीति आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने गुरुवार को कृषि उपज मंडी में सोयाबीन भावांतर योजना का एक दिवसीय अध्ययन किया। टीम में डीएमईओ की अधिकारी मेघा कपूर, रेनू अग्रवाल और प्रियंका उदय शामिल रहीं। सुबह से शाम तक मंडी परिसर में अधिकारियों की मौजूदगी रही। अलग-अलग विभागों के साथ मैराथन बैठकें हुईं। अध्ययन दल ने किसानों, व्यापारियों और प्लांट संचालकों से अलग-अलग चर्चा की। किसानों के समूह में भारतीय किसान संघ के बहादुरसिंह आंजना, उपाध्यक्ष शिवचरण शर्मा, ईश्वर सिंह सहित 15 किसान शामिल हुए। प्लांट संचालकों में अवि एग्रो और स्काईलार्क के अधिकारी मौजूद रहे। कृषि विभाग के उपसंचालक यूएस तोमर ने उज्जैन जिले में सोयाबीन उत्पादन और भावांतर योजना की जानकारी दी। मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक एमएस मुनिया और मंडी सचिव राजेश गोयल ने भी विचार साझा किए। व्यापारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल, अनिल गर्ग, हजारीलाल मालवीय, अशोक तल्लेरा, राजेंद्र राठौड़ सहित 12 व्यापारी भी बैठक में शामिल हुए। अध्ययन दल ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी और मंडी के भारसाधक अधिकारी अत्येंद्र सिंह गुर्जर से भी चर्चा की। मंडी संचालन और भावांतर योजना की जानकारी ली। अधिकारियों ने मंडी नीलामी स्थल पर जाकर ट्रॉली में मौजूद किसानों से सीधी बातचीत की। योजना की जमीनी हकीकत जानी। मंडी में भावांतर भुगतान योजना सफलतापूर्वक चल रही है। नीति आयोग के अधिकारी इसके निरंतर अध्ययन से खामियों को समय पर दूर करने की बात कह रहे हैं।


