भास्कर न्यूज | कवर्धा कबीरधाम पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में मास्टर माइंड को मुजफ्फर नगर (उत्तरप्रदेश) से गिरफ्तार किया है। खास बात ये है कि आरोपी अभी 17 साल का है। कक्षा 12वीं में आर्ट्स विषय की पढ़ाई कर रहा है। सोशल मीडिया पर रील देखकर लग्झरी लाइफ जीने की चाहत में जालसाजी करने लगा। करीब डेढ़ साल पहले उसने साइबर ठगी के अपराध जगत में कदम रखा। इंटरनेट के जरिए साइबर ठगी का आइडिया लिया और लोगों को जाल में फंसाने लगा। सोशल मीडिया प्लेटफार्म टेलीग्राम के जरिए कवर्धा और बेमेतरा में कुछ युवकों को जोड़ा। उनमें से फर्जी सिम कार्ड खरीदा, जिसका इस्तेमाल वह लोगों को ठगने के लिए करता था। पुलिस के मुताबिक यह ठग गिरोह फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर देशभर में 45 लोगों से 14.18 लाख रुपए की ठगी कर चुका है। हर सिम के बदले मोटी रकम मिलने से करन सक्रिय हो गया। गिरोह के 3 पीओएस एजेंट पकड़े जा चुके इससे पहले मार्च 2025 में पुलिस ने मामले में गिरोह में पीओएस एजेंट भूपेंद्र जोशी और दुष्यंत जोशी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपी करन चंद्राकर और फिर मास्टरमाइंड विधि से संघर्षरत बालक का नाम सामने आया। आरोपी करन चंद्राकर को बेमेतरा से 8 मार्च को गिरफ्तार किए थे। उसके बाद मास्टर माइंड को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किए हैं। शुरुआत में करन मास्टरमाइंड के लिए काम करता था। बाद में उसने भूपेंद्र और दुष्यंत को जोड़ा। फिर ये मास्टरमाइंड से सीधे जुड़ गए और ठगी करने लगे। किशोर न्याय बोर्ड में किया गया पेश अब तक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें आरोपी भूपेंद्र जोशी, दुष्यंत जोशी, करन चंद्राकर और विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। मास्टरमाइंड को पकड़ने में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। बालक को किशोर न्याय अधिनियम के तहत किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। कवर्धा थाना में बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब आगे की प्रक्रिया जारी है।


