छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के पहले चरण के नतीजों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ज्यादा सीटें जीतने का दावा जारी है। कांग्रेस ने भाजपा पर झूठे दावे करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पहले चरण में कांग्रेस को भाजपा से बढ़त मिली है, जबकि भाजपा का कहना है कि पंचायत चुनावों में उसकी जबरदस्त जीत हुई है। हांलाकि दोनों ही पार्टियों में से किसी ने भी जीते हुए प्रत्याशियों की लिस्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की है। कांग्रेस का दावा: भाजपा से आगे राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पहले चरण में 149 जिला पंचायत सीटों में से कांग्रेस समर्थित 78 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इनमें 69 कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी और 9 कांग्रेस समर्थित निर्दलीय शामिल हैं, जबकि भाजपा के 66 प्रत्याशी ही जीत दर्ज कर सके। उन्होंने आगे कहा कि पंच, सरपंच और जनपद पंचायत चुनावों में भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को बढ़त मिली है। पूरे प्रदेश में 3605 सरपंचों में से 2100 से अधिक कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि 911 जनपद पंचायत सीटों में से 600 से अधिक सीटें कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को मिली हैं। शुक्ला ने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव बैलेट पेपर से कराए गए, जिससे भाजपा कोई गड़बड़ी नहीं कर पाई और उसे हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि देश में जहां भी बैलेट पेपर से चुनाव होंगे, भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा। भाजपा का दावा: 125 प्रत्याशी जीते वहीं, भाजपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि पहले चरण की 160 जिला पंचायत सीटों में भाजपा के 108 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। इसके अलावा, 17 भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की, जिससे कुल संख्या 125 हो जाती है। पूर्व विधायक और बीजेपी नेता सौरभ सिंह ने कहा कि विष्णुदेव सरकार ने जो मोदी की गांरटी को पूरा किया है। उससे जनता का भरोसा भाजपा सरकार के प्रति बढ़ा है। और नगरीय निकाय की तरह पंचायत चुनाव में भी भाजपा लहर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर संसद तक भाजपा का झंडा फहराएगा और निकायों तथा पंचायतों में ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार विकास कार्यों को गति देगी। कौन सही, कौन गलत? पंचायत चुनावों के पहले चरण के नतीजों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के दावों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। जहां कांग्रेस अपने 78 जिला पंचायत सदस्यों के जीतने का दावा कर रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि उनके 125 प्रत्याशी विजयी हुए हैं। जानकारी के मुताबिक पंचायत चुनावों के नतीजों का विस्तृत आंकलन आने वाले समय में होगा, लेकिन दोनों पार्टियां अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही हैं। आने वाले चरणों के चुनावी नतीजे यह तय करेंगे कि वास्तव में जनता किसके साथ है।


