भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि न आम नागरिक सुरक्षित है, न जनप्रतिनिधि और न ही खिलाड़ी व युवा। राज्य में हत्याएं, गोलीबारी, धमकियां और फिरौती अब अपवाद नहीं रहीं, बल्कि रोज़मर्रा की घटनाएं बन चुकी हैं। यह बात यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार ने कही। उन्होंने कहा कि एक शादी समारोह के दौरान एक सरपंच की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना अत्यंत भयावह है और यह दर्शाती है कि अपराधी अब किसी भी स्थान, किसी भी समय वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं। सार्वजनिक स्थल पर हुई यह हत्या पूरे प्रदेश में बढ़ती असुरक्षा की भावना को और गहरा करती है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए जनप्रतिनिधियों को भी खुलेआम निशाना बनाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर खिलाड़ियों और युवाओं को लगातार धमकियां और फिरौती के कॉल मिल रहे हैं, जिससे पूरे प्रदेश में भय का वातावरण व्याप्त है और पंजाब का भविष्य असुरक्षित प्रतीत हो रहा है। आदित्य तकियार ने कहा कि आज पंजाब में गुंडाराज और फिरौती की संस्कृति तेजी से फैल रही है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, क्योंकि कानून का भय समाप्त होता जा रहा है। यह स्थिति राज्य सरकार की गंभीर प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब पंजाब की शांति, सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने पर सीधा हमला हो रहा है, तब सरकार गहरी नींद में सोई हुई नजर आती है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और आम नागरिक कोई भी सुरक्षित नहीं है।


