पठानकोट में भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पठानकोट में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। बुधवार को शहर के सभी शैक्षणिक संस्थान खुल गए और बाजारों में रौनक लौट आई। बच्चे आम दिनों की तरह स्कूल कक्षाओं मे बैठे दिखाई दिए। सुबह ही स्कूलों की बसें बच्चों को लेने गली मोहल्लों में पहुंचना शुरू हो गई थी। बाजारों में लोग खरीदारी करने पहुंचे। दुकानदारों के चेहरे भी खिल उइे हैं। पंजाब सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को देखते हुए 8 मई को पंजाब के सीमावर्ती छह जिलों – पठानकोट, अमृतसर, तरन तारन, फिरोजपुर, फाजिल्का और गुरदासपुर के साथ संगरूर में तीन दिनों के लिए शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया था। 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौते के बाद स्थिति में सुधार आया। प्रिंसिपल बोलीं- बच्चों के चेहरों पर मुस्कान है एक स्थानीय स्कूल की प्रिंसिपल रीता शर्मा ने कहा कि बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और उत्साह देखकर अच्छा लगा। यह सामान्य स्थिति की ओर एक बड़ा कदम है। हालांकि, कुछ अभिभावक अभी भी सतर्क हैं। स्थानीय निवासी संजीव कुमार ने कहा कि स्कूल खुलने से खुशी है, लेकिन मन में थोड़ा डर अभी भी है। पठानकोट में अब हालात सामान्य… मंत्री बैंस बोले- हमें अपनी सेनाओं पर गर्व है पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने ट्वीट कर कहा, “पंजाब के सभी शैक्षणिक संस्थान नियमित कक्षाओं और परीक्षाओं के साथ फिर से खुल गए हैं। हमें अपनी सेना पर गर्व है।” बता दें कि पठानकोट उन सीमावर्ती क्षेत्रों में शामिल था, जहां पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमले और गोलीबारी की घटनाएं सामने आई थीं। भारत ने 6 मई की आधी रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके बाद 10 मई को दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाइयां रोकने का समझौता किया।


