चारदीवारी में शनिवार से करीब 9000 ई-रिक्शा का प्रवेश बंद हो गया। परकोटे में इनके पहिये थमते ही सुबह से देर शाम तक दम घुटने वाले ट्रैफिक की सांसें लौट आईं और वाहनों को रफ्तार मिल गई। ट्रैफिक पुलिस ने यह प्रयोग पर्यटन सीजन को देखते हुए किया है। अब 22 दिन तक चारदीवारी में ई-रिक्शा नहीं दिखेंगे। इस प्रयोग के पहले दिन ही परकोटे की सुखद तस्वीर सामने आई। छोटी चौपड़ पर वाहन चालकों को खुली-खुली राह मिली। ई-रिक्शाओं के कारण जो वाहन रेंगते हुए चलते थे, वो 30 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलते नजर आए। इन रूटों पर ई-रिक्शा बैन 20 दिसंबर से 10 जनवरी तक आमेर व चारदीवारी क्षेत्र में ई-रिक्शा और अवैध वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। स्लो मूविंग और हल्के मालवाहक वाहनों का प्रवेश सुबह 9 से रात 8 बजे तक नहीं हो सकेगा। पर्यटक बसों को सांगानेरी गेट से प्रवेश दिया जाएगा और रामगढ़ मोड़ से निकाला जाएगा। ऑटो का मनमाना किराया; ई-रिक्शा बंद होने का फायदा ऑटो वालों ने उठाया। बड़ी से छोटी चौपड़ के 50 रुपए वसूूले।


