पर्यटन विभाग करेगा ऐतिहासिक वस्तुओं का संरक्षण:जनजाति कला का समझाया जाएगा महत्व, राजस्थान में पर्यटन को मिलेंगा बढ़ावा

राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से सौंध माटी आदिधरोहर प्रलेखन योजना के तहत जनजाति कलाकार वाद्य यंत्र, पाक कला, आस्था केंद्रों, ऐतिहासिक महत्व के स्थल, चित्रकारी, भित्ति चित्र, काष्ठ व प्रस्थर कला, नृत्य एवं गायन के प्रलेखन कार्य हेतु सौंध माटी आदिधरोहर प्रलेखन योजना शुरू कर दी गई है। पर्यटन सचिव रवि जैन ने बताया कि योजना का उद्देश्य राजस्थान के इतिहास से जुडे ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं को संरक्षित करना है। यह चाहे जनजाति से जुड़े वाद्य यंत्र हो या फिर चित्रकारी, भविष्य में पर्यटक एवं युवा पीढ़ी भी इनके बारे में जान सकें।

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