भास्कर संवाददाता|सीहोर कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता गो-सेवक मैत्री कल्याण संगठन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने पशुपालन और डेयरी विभाग पर शोषण का आरोप लगाया। कहा, विभाग केवल 5 रुपए टीकाकरण मानदेय दे रहा है। इससे नाराजगी है। गोसेवकों ने बताया कि वे कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, बछियाकरण, पशुओं की ट्रेनिंग, प्राथमिक उपचार और अन्य योजनाओं में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद विभाग बीमा और मानदेय में सम्मानजनक राशि नहीं दे रहा। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य है। इसके लिए पंचायत स्तर पर विभाग को मजबूत करना जरूरी है। संगठन ने मांग की कि मैत्रियों को हर माह सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। अभी एआई पर 50 रुपए, बछुल पुनर्गठन पर 100 रुपए और टीकाकरण पर 5 रुपए मिलते हैं। यह राशि जीविकोपार्जन योग्य नहीं है। इसे बढ़ाया जाए। भुगतान गौशालाओं की तर्ज पर हर माह किया जाए, ताकि मैत्री सक्रिय रहें। भारत पशुधन एप को पंचायत स्तर पर मोबाइल और सरल बनाया जाए। नेटवर्क नहीं होने पर भी जानकारी दर्ज हो सके। पशुपालक को आधार से एप पर सर्च किया जा सके। दुर्घटना बीमा और पशुगणना की राशि भी जल्द दी जाए।


