पहलगाम में आतंकी हमले के बाद लुधियाना की होजरी इंडस्ट्री संकट में, करोड़ों का माल फंसा, पेमेंट भी अटकी

पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद लगे कर्फ्यू का सबसे गहरा असर लुधियाना की होजरी इंडस्ट्री पर पड़ा है। कश्मीर में लुधियाना की करीब 40 फीसदी होजरी आइटम्स सप्लाई होती है। आतंकी हमले के बाद वहां के बंद बाज़ार और बिगड़े हालात ने करोड़ों का कारोबार एक झटके में ठप कर दिया है। कारोबारियों का करोड़ों का माल कश्मीर में फंस गया है। इतना ही नहीं कई कारोबारियों की पेमेंट भी अटक गई है। इसके चलते कारोबारियों में चिंता व्याप्त है। उनका कहना है कि पहले से ही बाजार में मंदी का माहौल है और अब पहलगाम में बिगड़े हालात ने लुधियाना के सैकडों होजरी व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को गहरा झटका दिया है। रातों की नींद उड़ गई होजरी कारोबारी विपन विनायक ने बताया कि अगर ऐसा ही हाल रहा, तो सिर्फ बहादुर के रोड की इंडस्ट्री को 10 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। दुकानदारों ने इस बार पिछले साल से डबल ऑर्डर दिए थे। उनकी तो रातों की नींद उड़ गई है। बाजार खुलने का इंतजार कारोबारी मन्नत कोठारी का कहना है कि उन्होंने 3 करोड़ का माल भेजा हुआ है और 2 करोड़ का स्टॉक तैयार पड़ा है। वहां के दुकानदारों ने साफ कह दिया है कि जब तक दुकानें नहीं खुलती और माल नहीं बिकता, तब तक पेमेंट की उम्मीद मत रखो। डबल मार झेल रहे होजरी कारोबारी डीके अरोड़ा ने बताया कि एक तरफ सर्दियों की पेमेंट नहीं आई, दूसरी तरफ करोड़ों का माल ऑर्डर पर तैयार करवाकर रख लिया है। अब न भेज सकते हैं, न बेच सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकार होजरी इंडस्ट्री की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सर्दियों में भेजा था माल होजरी कारोबारी जसविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 2 करोड़ रुपये का माल कश्मीर भेजा था, जिसकी पेमेंट अभी तक नहीं आई थी। हर साल गर्मियों में जब पर्यटक कश्मीर जाते हैं, तब दुकानदार सर्दियों में मंगाए गए माल को बेचकर पेमेंट देते हैं। लेकिन इस बार माहौल बदल गया है पर्यटक नहीं, बाजार बंद और दुकानदारों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। कश्मीर के लिए बना होजरी माल अलग : लुधियाना के कारोबारी बताते हैं कि कश्मीर में जो माल बिकता है, वो खासतौर पर वहां की ठंड, डिजाइन और डिमांड के मुताबिक तैयार होता है। ये माल न दिल्ली में बिकेगा, न मुंबई में इसलिए अब ये माल गोदामों में धूल खा रहा है।

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