पहलगाम में हुई आतंकी घटना के विरोध में अलवर जिला व्यापार संघ की ओर से मंगलवार को अलवर बंद के आह्वान के तहत सुबह से दुकानें बंद हैं। एक दो जगह दुकानें खुली मिली तो व्यापारी वहां पहुंचे। ज्यादातर दुकानें स्वेच्छा से बंद हैं। संयुक्त जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष ने कहा कि दुकानदार स्वेच्छा से बंद रखना चाहे तो रखें और खोलना चाहे तो खोलें। सुबह से व्यापारियों की टीमें बाजारों में पहुंच गई। कुछ दुकानें खोलने आए व्यापारियों से समझाइश कर बंद कराने में लगे हैं। शाम 4 बजे के बाद बाजार में कुछ जगह दुकानें खुल गई। असल में पहलगाम में हुए आतंकी घटना के विरोध में यह बंद का आह्वान है। होपसर्कस पर सुबह रामबाबू मिष्ठान भंडार खुला मिला तो व्यापारी उसे बंद कराने पहुंचे। दुकानदार ने कहा सावों का टाइम है। इसलिए खोलनी पड़ी। अलवर जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष रमेश जुनेजा ने कहा कि आतंकी घटना के विरोध में पूरा देश है। व्यापार वर्ग भी आतंकी घटना का जवाब देने के लिए देश के साथ है। एक दिन का बंद रखकर घटना के विरोध में व्यापारी एकजुट हैं। सब अपनी मर्जी से बदं रखने को तैयार हो गए। इसके बाद बंद का आह्वान किया गया था। अब सुबह से दुकानें बंद है। जहां दुकानदार दुकानें खोलने आए उनसे समझाइश की गई है। वहीं संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष राजकुमार गोयल का कहना है कि इस बंद के समर्थन में नहीं है। बंद का कोई औचित्य नहीं है। कोई दुकानदार अपनी स्वेच्छा से बंद रखना चाहे तो रख सकता है। किसी पर कोई दबाव नहीं है। अलवर के बाजारों में दुकानों के बाहर बैठे दुकानदारों ने कहा कि सब स्वेच्छा से बंद करके बैठे हैं। देश के साथ हैं। आतंकी घटना का विरोध है। देश की सुरक्षा के मुद्दे पर सब एक हैं। सब की आवाज है कि आतंकियों को सबक सिखाने की जरूरत है। वहीं चूड़ी मार्केट के दुकान सुनील का कहना है कि स्वेच्छा से पूरा बाजार बंद है। पहलगाम की घटना के विरोध में पूरे व्यापारी है। मोदी सरकार को सबक सिखाना चाहिए।


