राज्य बनने के 24 साल बाद झारखंड राज्य आवास बोर्ड धुर्वा में पहली आवासीय कॉलोनी विकसित करेगा। धुर्वा में सरकार की ओर से बोर्ड को 306 एकड़ जमीन मिली है। उसमें से 89 एकड़ जमीन पर आवासीय कॉलोनी बनाने का प्रस्ताव पहले ही सरकार के पास भेजा गया है। अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत जगन्नाथपुर में 5 एकड़ जमीन की प्लॉटिंग की जाएगी। इस पर 1500 से 3600 वर्गफीट का प्लॉट तैयार किया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग और उच्च आय वर्ग के लिए अलग-अलग क्षेत्रफल के प्लॉट होंगे। प्लॉटिंग के साथ चौड़ी सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज-ड्रेनेज की सुविधा सहित सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा। अगले वर्ष लॉटरी से प्लॉट आवंटित किया जाएगा। शुक्रवार को हुई झारखंड राज्य आवास बोर्ड की बैठक में इसकी स्वीकृति दे दी गई। बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान ने बताया कि जल्द ही पांच एकड़ जमीन का ले-आउट प्लान तैयार कराया जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आवास बोर्ड का प्रयास है कि फ्लैट के साथ लोगों को जमीन का विकल्प भी दिया जाए, क्योंकि काफी लोग फ्लैट लेना पसंद नहीं करते हैं। आने वाले समय में बोर्ड के पास उपलब्ध अन्य जमीन को भी कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में बोर्ड के प्रबंध निदेशक अमित कुमार, मनोनीत सदस्य अभिलाष साहू, नितिन अग्रवाल, सचिव विनय मनीष लकड़ा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे बरियातू में व्यवसायिक सह आवासीय कांप्लेक्स बनेगा, पहले बनी दुकानों का होगा आवंटन आवास बोर्ड की बैठक में बरियातू में प्लॉट संख्या-1 पर व्यवसायिक सह आवासीय कांप्लेक्स बनाने का निर्णय लिया गया। उक्त प्लॉट पर कॉमर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण इस तरह होगा कि उससे बोर्ड की कमाई भी बढ़े। उसी कांप्लेक्स के ऊपर फ्लैट बनाए जाएंगे। फ्लैटों का आवंटन भी लॉटरी से किया जाएगा। इसके अलावा हरमू, अरगोड़ा व बरियातू में पहले से बनी दुकानों का भी आवंटन जल्द किया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष ने कहा, जितनी संपत्ति खाली पड़ी हुई है, उसकी सूची बनाएं। जुर्माने के बाद भी सुधार नहीं, 200 बिल्डरों ने 6 माह से नहीं दी तिमाही रिपोर्ट, प्रोजेक्ट 1 साल लेट रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में बिल्डरों की मनमानी नहीं थम रही है। फ्लैट खरीदारों को समय पर फ्लैट देने का वादा करने वाले अधिकतर बिल्डरों के प्रोजेक्ट देरी से चल रहे हैं। इसी वजह से बिल्डरों द्वारा झारखंड रियल स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (झारेरा) की वेबसाइट पर अपने प्रोजेक्ट की तिमाही रिपोर्ट अपडेट नहीं की जा रही है। रांची, धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग और देवघर के 200 से अधिक बिल्डरों ने पिछले छह माह तक अपने प्रोजेक्ट की तिमाही रिपोर्ट अपडेट नहीं की है। इसमें करीब 150 बिल्डर ऐसे हैं, जिन्होंने अक्टूबर से दिसंबर 2023 और जनवरी 2024 से मार्च 2024 तक अपने प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट नहीं दी है। प्रोजेक्ट की स्थिति अपडेट नहीं होने से साफ है कि संबंधित प्रोजेक्ट देरी से चल रहे हैं। झारेरा के अनुसार, अधिकतर प्रोजेक्ट एक साल लेट चल रहे हैं। इस वजह से ही बिल्डर अपने प्रोजेक्ट की रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। इसका खामियाजा फ्लैट खरीदारों को भुगतना पड़ रहा है। 80% बिल्डर खर्च का ब्योरा अपडेट नहीं कर रहे झारेरा की वेबसाइट पर सभी बिल्डरों को रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की तिमाही प्रगति रिपोर्ट अपडेट करना अनिवार्य है। झारेरा की मानें तो करीब 80% बिल्डर वेब पेज पर काम और खर्च का ब्योरा नहीं दे रहे हैं। मात्र 20 प्रतिशत बिल्डर ही ऐसे हैं, जो हर माह डेटा अपडेट कर रहे हैं। इसे देखते हुए झारेरा चेयरमैन ने ऐसे बिल्डरों पर जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। अगले माह से सभी को जुर्माना भरने का नोटिस भेजा जाएगा। खरीदारों को होगी परेशानी, सभी पर लगाएंगे जुर्माना रेरा के तहत रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की तिमाही रिपोर्ट देना अनिवार्य है। इससे फ्लैट खरीदारों को समय पर फ्लैट मिलता है। जिस प्रोजेक्ट का निर्माण देरी से चल रहा है, उसी की रिपोर्ट अप टू डेट नहीं रहती। ऐसे 200 से अधिक बिल्डरों को नोटिस भेजा जाएगा और जुर्माना भी लगाएंगे।
– वीरेंद्र भूषण, चेयरमैन, झारेरा बालू की किल्लत के कारण बिगड़ी स्थिति रांची में पिछले दो वर्षों से बालू की किल्लत बनी हुई है। महंगा बालू खरीदकर कई बिल्डर काम कर रहे हैं, लेकिन वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है। ऐसे में प्रोजेक्ट में देरी होना स्वाभाविक है। झारेरा बार-बार जुर्माना लगाता है, उसे बिल्डरों की परेशानी भी देखनी चाहिए।
– सचिन सिंह, बिल्डर


